By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 17, 2022
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) पर बदलती परिस्थितियों के मद्देनजर सही समय पर कदम नहीं उठा पाने के आरोपों को खारिज करते हुए गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को नीतिगत कदमों का बचाव किया और कहा कि केंद्रीय बैंक अगर और पहले मुद्रास्फीति प्रबंधन पर ध्यान देने में लग जाता तो इसके परिणाम अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी हो सकते थे। समाचार पत्र फाइनेंशियल एक्सप्रेस द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में दास ने कहा, ‘‘उच्च मुद्रास्फीति को बर्दाश्त करना आवश्यक था, हम अपने फैसले पर कायम हैं।’’
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक दरों में तत्काल बड़ी वृद्धि नहीं कर सकता था। उन्होंने कहा कि फरवरी 2022 में अनुमान लगाया गया था कि 2022-23 में मुद्रास्फीति 4.5 फीसदी रह सकती है, वह कोई आशाजनक अनुमान नहीं था, यह गणना भी कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल रहने के अनुमान को ध्यान में रखकर की गई थी लेकिन यूक्रेन पर रूस के हमले से परिदृश्य बदल गया।