By अनन्या मिश्रा | Jun 27, 2026
आज ही के दिन यानी की 27 जून को आरडी बर्मन का जन्म हुआ था। 60 के दशक में आरडी बर्मन ने म्यूजिक को कायाकल्प कर दिया था। आरडी बर्मन एक ऐसे म्यूजिक डायरेक्टर थे, जोकि गिलास के टनटन की आवाज, बारिश की बूंदों और हर चीज की आवाज से म्यूजिक बना लिया करते थे। आरडी बर्मन के गाने सुपरहिट रहे और उन्होंने आखिरी समय तक गाने बनाए। लेकिन अपनी जिंदगी के आखिरी समय में वह अकेलेपन का शिकार हो गए थे। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर आरडी बर्मन के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
आरडी बर्मन को म्यूजिक का सेंस अपने पिता और मां से मिला था। उन्होंने साल 1996 में आई फिल्म 'तीसरी मंजिल' से बतौर म्यूजिक डायरेक्टर अपने करियर की शुरूआत की थी। इस फिल्म के गाने हिट रहे थे। करियर की शुरूआत में आरडी बर्मन ने बैक टू बैक फिल्मों में म्यूजिक देना शुरू किया। इसमें 'यादों की बारात', 'प्यार का मौसम', 'शोले', 'बहारों के सपने', 'जेवेल थीफ' और 'प्रेम पुजारी' जैसी फिल्में शामिल हैं।
आरडी बर्मन के गाने बनाने का स्टाइल अलग था। वह हर एक चीज से म्यूजिक निकाल देते थे। 'चुरा लिया है तुमने जो दिल को' गाने की शुरूआत में जो धुन है, वह आरडी बर्मन को ड्रिंक करते हुए ख्याल आया था। आरडी बर्मन फिल्म यादों की बारात के इस गाने का म्यूजिक बनाने के बारे में सोच रहे थे और साथ में ड्रिंक भी कर रहे थे। तभी कांच के गिलासों से आवाज आई और उसी का उन्होंने धुन बना दिया था।
आरडी बर्मन ने ऐसे न जाने कई म्यूजिक बनाई, जिसमें लोगों की आवाजों से, बारिश की बूंदों से और भी कई चीजों से म्यूजिक बनाया जो हिट रहा। उन्होंने अपने करियर में 331 से अधिक फिल्मों में म्यूजिक दिया और सभी सुपरहिट रहे।
अपने आखिरी समय में आरडी बर्मन बीमार रहने लगे थे। उन्होंने म्यूजिक बनाना बंद कर दिया था। साल 1994 में आई फिल्म '1942: अ लव स्टोरी' में आरडी बर्मन के म्यूजिक में बनी उनकी लास्ट फिल्म थी। इसके लिए आरडी बर्मन को फिल्म के मेकर्स ने काफी मनाया था। वहीं 04 जनवरी 1994 को आरडी बर्मन ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था।