By अंकित सिंह | Jan 21, 2025
एआईसीसी महासचिव और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि वह, उनके भाई लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेता भाजपा से नहीं डरते हैं और संविधान की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे। प्रियंका गांधी ने कहा कि देश में कई पार्टियों की सरकार रही, लेकिन कोई ऐसी सरकार नहीं आई, जिसका गृह मंत्री संसद में खड़े होकर बाबा साहेब का अपमान कर सके। कोई ऐसी सरकार नहीं आई, जिसके नेताओं ने कहा कि हम संविधान बदल देंगे।
गांधी ने कहा कि अडानी ने सरकारी अधिकारियों को रिश्वत दी, जिससे बिजली के बिल बढ़ाए जा सकें। आज देश का किसान संकटों से घिरा हुआ है, उसे हर चीज में GST भरनी पड़ती है। वो 1-1 लाख रुपए के कर्ज के कारण आत्महत्या करने को मजबूर है। दूसरी तरफ मोदी सरकार उद्योगपतियों का 17 लाख करोड़ रुपए का कर्ज माफ कर देती है। ये संविधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि आज BJP सरकार हर ओर निजीकरण कर सारी संपत्ति चंद उद्योगपतियों को सौंप रही है। निजीकरण से आरक्षण ख़त्म हो जाता है। BJP ने लेटरल एंट्री के जरिए भी आरक्षण को ख़त्म करने की कोशिश की है। यही संविधान विरोधी नीतियां कही जाती हैं। इसीलिए जब हम कहते हैं कि BJP संविधान को कमजोर कर रही है, तो उसका मतलब होता है, ये लोग आपको कमजोर कर रहे हैं और आपके जीवन में संघर्ष को बढ़ा रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार की हर नीति संविधान के खिलाफ है, जिसका असर आपके जीवन पर पड़ता है। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार 200 यूनिट बिजली मुफ्त देती है। लेकिन अगर आप BJP शासित प्रदेशों में जाएंगे तो वहां किसान बिजली बिल देखकर रोते हैं। उन्होंने कहा कि देश में लोगों के जीवन में संविधान से बड़ी कोई चीज नहीं है। संविधान आपको अन्याय से बचाता है। संविधान न्याय, शिक्षा, भोजन और आवाज उठाने का अधिकार देता है। संविधान ही सरकार के खिलाफ आंदोलन करने का अधिकार देता है। हमारे पुलिसकर्मियों और सेना की रक्षा संविधान करता है, लेकिन आज ये लोग अपनी पुरानी पेंशन के लिए परेशान हैं, क्योंकि सरकार हर रोज संविधान पर हमला कर रही है।
उन्होंने कहा कि ये समझ लीजिए कि- संविधान ही आपको सुरक्षित रखेगा, इसलिए जो भी संविधान को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पहचानिए। तय कर लीजिए कि हम संविधान, बाबा साहेब अंबेडकर जी और अपना अपमान नहीं सहेंगे। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बाबासाहेब डॉ अंबेडकर जी को सम्मान देने के लिये कांग्रेस ने जो किया ऐसा शायद दूसरा कोई नहीं कर सकता था। मुंबई से संविधान सभा में लाने के लिए कांग्रेस ने अपने सदस्य M.R. Jayakar का इस्तीफा कराया।
खड़गे ने कहा कि गाँधी जी ने ही संविधान सभा के ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष के लिए बाबासाहेब डॉ अंबेडकर जी के नाम का सुझाव दिया था। भारत सरकार में बाबासाहेब को देश का पहला कानून मंत्री बनाने में भी गांधीजी ने अपना समर्थन दिया था। राज्य सभा में बाबासाहेब को दो बार बंबई से चुना गया। पहली बार 3 अप्रैल 1952 से 2 अप्रैल 1956 के बीच। दोबारा 3 अप्रैल 1956 को सदस्य बने, पर 6 दिसंबर 1956 को उनका निधन हो गया। कांग्रेस पार्टी चाहती थी कि बाबासाहेब सम्मान सहित राज्य सभा पहुंचे, इसीलिए वो दो-बार निर्विरोध राज्य सभा का चुनाव जीते।