एक तरफ TMC में बगावत, दूसरी ओर Kolkata में हॉकर मार्च, क्या है Mamata Banerjee का सियासी गेम?

By अभिनय आकाश | Jun 18, 2026

तृणमूल कांग्रेस की चेयरपर्सन और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के धर्मतल्ला में हॉकरों को कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से हटाए जाने के विरोध में एक मार्च में हिस्सा लिया। यह विरोध मार्च पहले से तय नहीं था और पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रशासन को अपने प्लान के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं दी थी। बनर्जी के साथ टीएमसी विधायक कुणाल घोष और पूर्व सांसद डोला सेन भी मौजूद थे। टीएमसी चेयरपर्सन सबसे पहले एस्प्लेनेड पहुँचीं, जहाँ उन्हें देखने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई, और फिर उन्होंने सुबोध मल्लिक स्क्वायर तक मार्च का नेतृत्व किया। पार्टी सदस्यों के अलावा, सैकड़ों प्रदर्शनकारी भी बनर्जी के साथ शामिल हुए। एएनआई समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 7 जून को अतिक्रमण-विरोधी अभियान के तहत कई बुलडोज़रों ने जादवपुर स्टेशन रोड पर बनी अस्थायी दुकानों और हॉकर स्टॉलों को गिरा दिया। 

इसे भी पढ़ें: Bengal में LoP पद पर संग्राम, विधानसभा Speaker के खिलाफ High Court पहुंचीं ममता बनर्जी

मीडिया में बने रहने की आखिरी कोशिश: BJP

इस बीच, बीजेपी ने टीएमसी पर पलटवार किया। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के नेता दिलीप घोष ने दावा किया कि यह विरोध प्रदर्शन बनर्जी की मीडिया में बने रहने की आखिरी कोशिश थी। घोष ने कहा कि ममता बनर्जी की हालत ऐसी है कि न तो उनके पास कोई पार्टी है, न ही उनके कार्यकर्ता और न ही पार्टी का दफ्तर... वह सिर्फ़ उन हॉकरों के लिए ज़िम्मेदार हैं जिनसे उन्होंने पैसे लिए हैं और उन्हें सड़कों पर बैठने की इजाज़त दी है।

प्रमुख खबरें

Prabhasakshi NewsRoom: Indian Missile Power में बड़ा इजाफा, China के अंदर 4000 KM तक घुसकर प्रहार कर सकती है Agni-4

FCRA Bill 2026: विदेशी फंडिंग पर रोक नहीं लगाएगा नया FCRA बिल, एम्बेसडर विनय क्वात्रा ने दी सफाई

Jharkhand Students Protest: छात्र आंदोलन के चलते रांची में स्कूल बंद, विधानसभा के पास सुरक्षा कड़ी

Jharkhand में JSSC छात्रों का प्रदर्शन तेज, सरकार से बातचीत बेनतीजा होने के बाद आज विधानसभा की ओर मार्च