By Ankit Jaiswal | Nov 01, 2026
त्योहारी सीजन में कारों की खरीदारी बढ़ने का फायदा किया इंडिया को मिला है। कंपनी ने अक्टूबर 2026 में घरेलू बाजार में 33,462 गाड़ियों की थोक बिक्री की, जो भारत में कारोबार शुरू करने के बाद उसका अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है। पिछले साल अक्टूबर में कंपनी ने 29,556 गाड़ियां बेची थीं। इस तरह सालाना आधार पर बिक्री में 13.22% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि कंपनी ने लगातार दूसरे महीने अपनी बिक्री का पुराना रिकॉर्ड तोड़ा है।
कंपनी के मुताबिक, अक्टूबर में बिक्री बढ़ाने में सेल्टोस और सोनेट की अहम भूमिका रही। इनके अलावा कैरेंस श्रृंखला और नए मॉडल की मांग से भी कारोबार को मजबूती मिली। सेल्टोस की अक्टूबर में 13,000 से ज्यादा इकाइयां बिकीं। जनवरी 2026 में इसके नए संस्करण की शुरुआत के बाद से हर महीने इसकी औसत बिक्री 10,000 इकाई से अधिक बनी हुई है। इससे साफ है कि मध्यम आकार की एसयूवी श्रेणी में इस मॉडल की पकड़ मजबूत बनी हुई है।
कैरेंस और कैरेंस क्लैविस ने भी कंपनी की बिक्री में योगदान दिया। इन दोनों की सीएनजी श्रेणी की गाड़ियों का अक्टूबर में कंपनी की कुल बिक्री में करीब 10% हिस्सा रहा। इससे पता चलता है कि ग्राहक अब पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ कम खर्च वाले दूसरे ईंधन विकल्पों को भी पसंद कर रहे हैं।
किया इंडिया ने बताया कि उसकी सोरेंटो एसयूवी को भी ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। यह गाड़ी हाइब्रिड और डीजल इंजन विकल्पों के साथ उपलब्ध है। कंपनी के अनुसार, ग्राहकों को इसकी तकनीक, सुविधाएं और हाइब्रिड इंजन से मिलने वाला बेहतर ईंधन औसत पसंद आ रहा है।
इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में भी अक्टूबर कंपनी के लिए खास रहा। किया इंडिया ने एक महीने में अब तक की सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री दर्ज की। सितंबर के मुकाबले इसमें 31% की बढ़ोतरी हुई। इस बिक्री में साइरोस ईवी और कैरेंस क्लैविस ईवी का योगदान रहा। कंपनी अब पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक जैसे अलग-अलग विकल्पों के साथ अपनी गाड़ियों की श्रृंखला बढ़ा रही है।
किया इंडिया के बिक्री और मार्केटिंग विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतुल सूद ने कहा कि एक महीने के भीतर ही पुराना रिकॉर्ड तोड़कर 33,462 गाड़ियों की बिक्री करना ग्राहकों के भरोसे और कंपनी के उत्पादों की मजबूती को दिखाता है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बढ़ी मांग के साथ पुराने और नए मॉडल की अच्छी बिक्री से कंपनी को फायदा मिला है। उनके मुताबिक, सीएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बढ़ती हिस्सेदारी कंपनी की अलग-अलग ईंधन विकल्पों वाली रणनीति की सफलता दिखाती है। गौरतलब है कि भारतीय कार बाजार में एसयूवी की बढ़ती मांग और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर बढ़ते रुझान के बीच कंपनियां लगातार नए मॉडल और विकल्प पेश कर रही हैं। ऐसे में किया इंडिया की यह बिक्री उसके लिए एक मजबूत संकेत है।