By रेनू तिवारी | Jan 02, 2026
मशहूर मलयालम एक्टर जयसूर्या ने उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने उन्हें सेव बॉक्स ऐप डिपॉजिट फ्रॉड केस के सिलसिले में नया समन भेजा है। एक लेटेस्ट इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने कहा कि न तो उन्हें और न ही उनकी पत्नी को 7 जनवरी को अगली पेशी के लिए अधिकारियों से कोई नोटिस मिला है। एक्टर ने कुछ टीवी चैनलों और न्यूज़ आउटलेट्स की भी आलोचना की, जो जांच में उनकी भागीदारी के बारे में गलत जानकारी फैला रहे थे।
ईडी इस योजना से संबंधित कथित धन शोधन की जांच कर रही है और जांच में जयसूर्या से जुड़े वित्तीय लेन-देन का पता चला। जयसूर्या को इस योजना का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया था। जयसूर्या ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा, ‘‘हम कैसे अनुमान लगा सकते हैं कि विज्ञापनों के लिए हमारे पास आने वाले लोग भविष्य में क्या करेंगे?’’ अभिनेता ने कहा कि उन्होंने केवल वैध लेन-देन किए हैं और कहा, ‘‘मैं एक साधारण, जिम्मेदार नागरिक हूं। मैंने सभी नियमों का पालन किया और सरकार को कर चुकाया।’’
जयसूर्या ने कहा कि समन मिलने के बाद वह पहली बार 24 दिसंबर को ईडी के सामने पेश हुए थे। इस संबंध में एक और समन मिलने के बाद वह 29 दिसंबर को अपनी पत्नी के साथ फिर से ईडी के समक्ष पेश हुए थे। हालांकि, उन्होंने उन रिपोर्ट का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि उन्हें सात जनवरी को एजेंसी के सामने फिर से पेशी के लिए नया समन मिला है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें सात जनवरी को ईडी के सामने पेशी के संबंध में कोई समन नहीं मिला है।’’
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने शुरुआत में स्वाति रहीम का बयान दर्ज किया जिन्होंने कथित तौर पर जांच अधिकारियों को बताया कि निवेशकों से जुटाई गई राशि का कुछ हिस्सा फिल्म उद्योग में लगाया गया। एजेंसी ने पाया कि इन लेन-देन में 47 वर्षीय अभिनेता जयसूर्या भी शामिल थे। कहा जाता है कि रहीम ने ईडी को बताया कि योजना का ब्रांड एंबेसडर होने के नाते जयसूर्या को इस निवेश योजना का समर्थन करने के लिए कुछ पैसे दिए गए थे।