By Ankit Jaiswal | Mar 25, 2026
इन दिनों वैश्विक तेल बाजार में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं और इसका असर भारत की ऊर्जा रणनीति पर भी साफ दिखाई दे रहा है। इन सबके बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने हाल ही में ईरान से करीब 50 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, यह खरीद उस समय हुई जब अमेरिका ने अस्थायी तौर पर ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील दी है।
गौरतलब है कि भारत ने मई 2019 के बाद से ईरान से तेल आयात बंद कर दिया था, जब अमेरिका ने तेहरान पर दोबारा कड़े प्रतिबंध लागू किए थे। ऐसे में यह सौदा कई वर्षों बाद भारत की ओर से ईरानी तेल की पहली खरीद माना जा रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने हाल ही में 30 दिन की सीमित छूट दी है, जिसके तहत पहले से समुद्र में मौजूद ईरानी तेल को खरीदा जा सकता है। यह छूट उन जहाजों पर लागू है, जिनमें 20 मार्च तक तेल लादा गया हो और 19 अप्रैल तक उसकी डिलीवरी होनी है।
बताते चलें कि इससे पहले भारतीय रिफाइनरियों ने रूस से भी बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा था, जिससे देश में आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। माना जा रहा है कि वैश्विक आपूर्ति में आई कमी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
वहीं एशिया के अन्य देशों में भी इस फैसले को लेकर हलचल है। कुछ रिफाइनरियां इस दिशा में संभावनाएं तलाश रही हैं, जबकि चीन की बड़ी कंपनी साइनोपेक ने फिलहाल ईरानी तेल खरीदने से इनकार किया है।
इस तरह देखा जाए तो भारत का यह कदम न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अहम है, बल्कि बदलते वैश्विक हालात के बीच तेल आपूर्ति को संतुलित रखने की रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है।