By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 28, 2026
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह ने मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा की तरफ से समूह की मीडिया इकाइयों पर लगाए गए आरोपों को शुक्रवार को ‘निराधार’ बताते हुए खारिज कर दिया। रिलायंस समूह ने एक बयान में एस्सेल समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की ‘निराधार टिप्पणियों’ पर निराशा जताई। रिलायंस के एक प्रवक्ता ने कहा, “हम रिलायंस समूह से जुड़े मीडिया संस्थानों के खिलाफ आरोपों और इशारों में लगाए गए आरोपों का पुरजोर खंडन करते हैं।” विभिन्न मीडिया प्रतिष्ठानों का स्वामित्व रखने वाले समूह ने कहा कि उसके मीडिया ब्रांडों का इस्तेमाल ‘कभी किसी पर हमला करने के लिए नहीं किया गया और न ही कभी किया जाएगा।’ प्रवक्ता ने कहा कि समूह कारोबारी और उद्यमी के तौर पर सुभाष चंद्रा का सम्मान करता है और उनके अच्छे भविष्य की कामना करता है।
इसके बाद एनसीएलटी अध्यक्ष ने मतभेद के निपटारे के लिए शर्मा को तीसरा सदस्य नियुक्त किया था। शर्मा ने एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस के नेतृत्व में असहमति जताने वाले ऋणदाताओं के दावों को खारिज कर दिया था। इन ऋणदाताओं ने भुगतान योजना को ‘अव्यावहारिक और गैरकानूनी’ बताया था।
ऋणदाताओं का कहना था कि करीब 22,006.57 करोड़ रुपये के स्वीकृत दावों के मुकाबले प्रस्तावित योजना में ऋणदाताओं को केवल 6.25 करोड़ रुपये और प्रक्रिया लागत के लिए 25 लाख रुपये देने की पेशकश की गई है। इस आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया में चंद्रा ने बृहस्पतिवार को कहा था कि व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही में उनके खिलाफ कुल दावा केवल 3,992 करोड़ रुपये है और वह इसमें कर्ज लेने वाले न होकर सिर्फ व्यक्तिगत गारंटर हैं। चंद्रा ने कहा कि उन्होंने किसी भी ऋणदाता से कोई पैसा उधार नहीं लिया है।
उन्होंने बताया कि 620 करोड़ रुपये का दावा पहले ही निपटाया जा चुका है, जबकि कर्ज लेने वाली कंपनियों ने 1,063 करोड़ रुपये और चुकाने की पेशकश की है। उनका कहना है कि जिन कर्ज लेने वाली कंपनियों के लिए उन्होंने व्यक्तिगत गारंटी दी थी, वे अब तक 43,000 करोड़ रुपये चुका चुकी हैं और उन्होंने किसी भी अन्य बकाया राशि के निपटान का आश्वासन दिया है। मामला अब औपचारिक आदेश के लिए मूल दो-सदस्यीय पीठ के पास जाएगा।
यह प्रक्रिया कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 419(5) के तहत बहुमत की राय के अनुरूप होगी।