सुप्रीम कोर्ट से योगी आदित्यनाथ को बड़ी राहत, हेट स्पीच मामले में यूपी के मुख्यमंत्री पर नहीं चलेगा केस

By रेनू तिवारी | Aug 26, 2022

सुप्रीम कोर्ट ने 2007 में कथित अभद्र भाषा से संबंधित एक मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी से इनकार करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को वर्ष 2007 के कथित नफरत फैलाने वाले भाषण से संबंधित उस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हैं। 

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 पीठ ने कहा, ‘‘एक और मुद्दा, एक बार जब आप निर्णय और सामग्री के अनुसार गुण-दोष देखते हैं, तो यदि कोई मामला नहीं बनता है, तो मंजूरी का सवाल कहां है।’’ शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘अगर कोई मामला है, तो मंजूरी का सवाल आएगा। अगर कोई मामला नहीं है, तो मंजूरी का सवाल ही कहां है।’’ इस पर अय्यूबी ने कहा कि मुकदमा चलाने की मंजूरी से इनकार करने के कारण मामला बंद करने की रिपोर्ट दाखिल की गई है। उत्तर प्रदेश की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि मामले में कुछ भी नहीं बचा है। 

उन्होंने कहा कि सीडी को सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) को भेजा गया था और पता लगा कि इसमें छेड़छाड़ की गई थी। रोहतगी ने कहा कि न्यायालय को जुर्माना लगाकर मामले को खरिज कर देना चाहिए। रोहतगी ने कहा कि याचिकाकर्ता ने वर्ष 2008 में एक टूटी हुई काम्पैक्ट डिस्क (सीडी) दी थी और फिर पांच साल बाद उन्होंने कथित तौर पर अभद्र की एक और सीडी दे दी। दो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोपों को लेकर तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ और अन्य लोगों के खिलाफ गोरखपुर के एक थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह आरोप लगाया था कि आदित्यनाथ द्वारा कथित अभद्र के बाद उस दिन गोरखपुर में हिंसा की कई घटनाएं हुईं थी।

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