By रेनू तिवारी | Jul 24, 2026
पेपर लीक के खिलाफ संसद में कड़ा विधेयक (Bill) पेश करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधी रात की घोषणा के बाद देश की सियासत गरमा गई है। विपक्षी दल कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने प्रधानमंत्री के इस कदम पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। विपक्ष का साफ कहना है कि किसी भी नए कानून से पहले परीक्षा माफिया को संरक्षण देने की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और सरकार का सबसे सख्त कदम धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना ही होगा। कॉजपा ने बृहस्पतिवार को कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ सरकार की ओर से उठाया जाने वाला ‘‘सबसे कड़ा कदम’’ प्रधान को पद से हटाना होगा।
इससे पहले, नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से आश्वासन मिलने के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया जिसके बाद कॉजपा ने कहा कि उसे वांगचुक द्वारा 26 दिन से जारी अनशन समाप्त करने से ‘‘राहत और खुशी’’ हुई है, लेकिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनका शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते।
इस बीच, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने करीब आधी रात जारी प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश में प्रधान के इस्तीफे की मांग की अनदेखी किए जाने को लेकर उनकी आलोचना की। गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री को विद्यार्थियों की समझदारी का अपमान नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मान्यवर मोदी जी, हमारे विद्यार्थी (शिक्षा मंत्री) धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आधी रात को जारी इस निरर्थक वीडियो से उनकी समझदारी का अपमान न करें। तीन काम कीजिए-पहला, प्रधान को हटाइए; दूसरा, विद्यार्थियों की पिटाई करने वालों को सजा दीजिए और तीसरा, माफी मांगिए।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद, प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाला विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में विधेयक के मसौदे पर चर्चा कर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। मोदी ने यह भी कहा था कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक के आरोप सामने आने के बाद सरकार ने त्वरित अदालतों की व्यवस्था समेत कई कदम उठाए हैं और मामले में जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।