पुणे। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने बृहस्पतिवार को लॉकडाउन के दौरान महाराष्ट्र में शराब की दुकानों को दोबारा खोलने की अनुमति दिए जाने को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की और फैसले को असंवेदनशील और अनुचित करार दिया। उन्होंने कहा कि संकट के इस समय में कोरोना वायरस को काबू करना और जिंदगियों को बचाना शराब बेचकर राजस्व कमाने से ज्यादा आवश्यक था। लॉकडाउन के तीसरे चरण में प्रवेश करने के बाद सोमवार से राज्य के कुछ हिस्सों में शराब की बिक्री की अनुमति दी गई थी।
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