By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 02, 2019
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास अगले सप्ताह सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) तथा गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। एक दिन पहले ही केंद्रीय बैंक ने एमएसएमई क्षेत्र के लिए एकबारगी ऋण पुनर्गठन की सुविधा की घोषणा की है।
रिजर्व बैंक बोर्ड की 19 नवंबर, 2018 को हुई महत्वपूर्ण बैठक में एमएसएमई की दबाव वाली मानक संपत्तियों की पुनर्गठन योजना की समीक्षा का सुझाव दिया गया था। गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों तथा आवास वित्त कंपनियों में नकदी संकट उस समय उभरकर सामने आया जबकि आईएलएंडएफएस कई कर्ज देनदारियों का समय पर भुगतान नहीं कर पाया।
यह देश के सबसे बड़े गैर- बैंकिंग वित्तीय संस्थानों में से एक है। सरकार ने आईएलएंडएफएस के निदेशक मंडल को भंग कर नया बोर्ड नियुक्त कर दिया है। कर्ज के बोझ से दबी कंपनी ने पहले ही अपनी कई संपत्तियों के मौद्रिकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।