By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 04, 2021
मुंबई। रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि वह चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में द्वितीयक बाजार से सरकारी प्रतिभूतियों के खरीद कार्यक्रम (जी-सैप 2.0) के तहत 1.20 लाख करोड़ रुपये की प्रतिभूतियों की खरीद करेगा। इसका मकसद सरकारी प्रतिभूतियों के प्रतिफल को सुव्यवस्थित बनाये रखना है। वहीं जी-सैप 1.0 के तहत केन्द्रीय बैंक एक लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा और इस कार्यक्रम की आखिरी खरीद 17 जून को 40,000 करोड़ रुपये की होगी।
इसमें 10,000 करोड़ रुपये में राज्य विकास रिण (एसडीएल) की खरीद होगी। इसके अलावा जी-सैप 2.0 के तहत 2021- 22 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर 2021) के दौरान बाजार को समर्थन देने के लिये 1.20 लाख करोड़ रुपये का द्वितीयक बाजार खरीद कारोबार किया जायेगा। इसके लिये तिथियों और प्रतिभूतियों के बारे में जानकारी अलग से दी जायेगी।‘‘हमारा मानना है कि जी-सैप 2.0 की इस घोषणा को लेकर बाजार में उपयुक्त प्रतिक्रिया होगी।’’ कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित अर्थव्यवसथा को समर्थन देने के लिये सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 31 मार्च 2022 तक 12.05 लाख करोड़ रुपये के उधार की योजना रखी है। इसके परिणामस्वरूप चालू वित्त वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पिछले वित्त वर्ष में यह 9.3 प्रतिशत रहा है।