By Ankit Jaiswal | Jul 27, 2026
इंडोनेशिया के वित्तीय बाजारों में सोमवार को उस समय हलचल बढ़ गई जब देश के केंद्रीय बैंक के गवर्नर पेरी वारजियो ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस अप्रत्याशित फैसले के बाद निवेशकों के बीच केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर नई चिंताएं सामने आने लगीं। मौजूद जानकारी के अनुसार इस्तीफे की खबर के बाद इंडोनेशियाई मुद्रा रुपिया में कमजोरी आई और शेयर बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई।
मौजूद जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने पेरी वारजियो का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इसके बाद केंद्रीय बैंक की वरिष्ठ उप गवर्नर डेस्ट्री दमायंती को अंतरिम गवर्नर नियुक्त किया गया है। डेस्ट्री दमायंती ने बताया कि पेरी वारजियो ने शनिवार को निजी कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा सौंपा था। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय बैंक की प्राथमिकता पहले की तरह ही रुपिया की स्थिरता और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना रहेगी।
गौरतलब है कि हाल के महीनों में इंडोनेशिया का केंद्रीय बैंक सरकार की आर्थिक विकास योजनाओं को समर्थन देने के दबाव में रहा है। जून में रुपिया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गई थी। इसके पीछे सरकारी वित्तीय प्रबंधन और केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को लेकर उठी चिंताओं को प्रमुख कारण माना गया था। पिछले महीने संसद ने एक नया कानून भी पारित किया था, जिसके तहत केंद्रीय बैंक की आर्थिक विकास में भूमिका को और मजबूत किया गया है। साथ ही सांसदों को स्वतंत्र वित्तीय नियामकों और केंद्रीय बैंक को बाध्यकारी सुझाव देने का अधिकार भी मिला है।
इसी वजह से कई अर्थशास्त्रियों ने पेरी वारजियो के इस्तीफे को लेकर चिंता जताई है। उनका मानना है कि अब निवेशकों का भरोसा बनाए रखना आसान नहीं होगा। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यदि केंद्रीय बैंक की नीतियों पर राजनीतिक प्रभाव बढ़ता है तो इसका असर देश की वित्तीय विश्वसनीयता पर पड़ सकता है।
बता दें कि पेरी वारजियो ने वर्ष 1984 में केंद्रीय बैंक में अपना कार्यकाल शुरू किया था। उन्हें पहली बार वर्ष 2018 में गवर्नर बनाया गया और वर्ष 2023 में उन्हें दूसरा कार्यकाल मिला था। उनके नेतृत्व में केंद्रीय बैंक ने रुपिया को स्थिर रखने के लिए कई बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। हाल ही में केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था, बल्कि विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए नई प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा की थी।
मौजूद जानकारी के अनुसार अब राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो अधिकतम तीन नाम संसद को भेजेंगे। इसके बाद संसद प्रक्रिया पूरी कर नए स्थायी गवर्नर का चयन करेगी। इस बीच डेस्ट्री दमायंती ने भरोसा दिलाया है कि केंद्रीय बैंक अपनी सभी जिम्मेदारियों का निर्वहन पहले की तरह करता रहेगा और मुद्रा तथा वित्तीय प्रणाली की स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में नए गवर्नर की नियुक्ति और केंद्रीय बैंक की नीतियां यह तय करेंगी कि निवेशकों का भरोसा कितनी जल्दी लौटता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार और निवेशक इंडोनेशिया के आर्थिक और वित्तीय घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।