खुदरा महंगाई 2.07% हुई, पर चिंता नहीं! RBI ने घटाया अनुमान, विकास पर फोकस

By अंकित सिंह | Sep 12, 2025

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) द्वारा मापी गई भारत की खुदरा मुद्रास्फीति, साल-दर-साल आधार पर अगस्त 2025 में मामूली रूप से बढ़कर 2.07 प्रतिशत हो गई। जुलाई की तुलना में अगस्त 2025 की मुख्य मुद्रास्फीति में यह 46 आधार अंकों की वृद्धि है। अगस्त, 2024 की तुलना में अगस्त, 2025 के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) पर आधारित वर्ष-दर-वर्ष खाद्य मुद्रास्फीति दर - 0.69% (अनंतिम) है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए संगत मुद्रास्फीति दरें क्रमशः -0.70% और -0.58% हैं।

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मुद्रास्फीति कई देशों के लिए चिंता का विषय रही है, जिनमें उन्नत अर्थव्यवस्थाएँ भी शामिल हैं, लेकिन भारत ने अपनी मुद्रास्फीति की दिशा को काफी हद तक नियंत्रित रखा है। आरबीआई ने अपनी बेंचमार्क रेपो दर को लगातार ग्यारहवीं बार 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा, और फिर फरवरी 2025 में लगभग पाँच वर्षों में पहली बार इसमें कटौती की। विश्लेषकों का मानना ​​है कि मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहेगी, जिससे आरबीआई आर्थिक विकास को सहारा देने पर ध्यान केंद्रित कर सकेगा। हाल ही में रेपो में की गई कटौती इसका एक स्पष्ट संकेत है। इसलिए, आरबीआई की नवीनतम मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान को पूर्व के 4 प्रतिशत के पूर्वानुमान से घटाकर 3.7 प्रतिशत कर दिया गया।

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