Manipur से लौट कर आये विपक्ष ने दिखाया नया जोश, फिर नहीं चलने दी संसद

By नीरज कुमार दुबे | Jul 31, 2023

मणिपुर के मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों में आज भी हंगामे की स्थिति बनी रही। दोनों सदनों में नारेबाजी के बीच कार्यवाही स्थगित कर दी गई। हम आपको बता दें कि विपक्ष के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल एक दिन पहले ही मणिपुर का दौरा करके आया है और उसने सरकार पर गंभीर आरोप लगाये हैं लेकिन सरकार का कहना है कि विपक्ष अफवाहें फैला रहा है। विपक्ष का कहना है कि मणिपुर की स्थिति पर प्रधानमंत्री जवाब दें और पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो लेकिन सरकार का पक्ष है कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का समय स्पीकर तय करेंगे। सरकार का कहना है कि जब तक स्पीकर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए समय तय नहीं करते तब तक बाकी विधायी कामकाज को निबटाने में विपक्ष को सहयोग करना चाहिए। राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि हम चाहते हैं कि आज दोपहर 2 बजे संसद में मणिपुर पर चर्चा हो, लेकिन विपक्ष के लोग अपनी स्वतंत्रता का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन विपक्ष के लोग पहले ही सदन के 9 महत्वपूर्ण दिन खराब कर चुके हैं।

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दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सत्तारुढ़ पार्टी के सांसदों को मणिपुर के हालात का जायज़ा लेने के लिए जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम बिहार और पश्चिम बंगाल पर भी चर्चा करने के लिए तैयार हैं। सरकार को जल्द से जल्द अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करानी चाहिए। हमें अन्य मुद्दों पर चर्चा करने पर कोई दिक्कत नहीं है लेकिन उन्हें पहले अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करानी चाहिए।

विपक्षी गठबंधन इंडिया की बैठक

हम आपको यह भी बता दें कि मणिपुर का दौरा करने वाले विपक्ष के सांसदों ने सोमवार को विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों के, संसद के दोनों सदन के नेताओं को हिंसा प्रभावित राज्य की स्थिति से अवगत कराया। इन सांसदों ने संसद भवन के एक कक्ष में ‘इंडिया’ के घटक दलों के नेताओं से मुलाकात की। इस मौके पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता टीआर बालू, समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता रामगोपाल यादव और कई अन्य दलों के नेता मौजूद थे।

हम आपको बता दें कि विपक्षी दलों के गठबंधन ‘इंडिया’ का एक प्रतिनिधिमंडल 29 जुलाई को हिंसा प्रभावित मणिपुर पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर जोर दिया कि अगर मणिपुर में पिछले तीन महीने से जारी जातीय संघर्ष की समस्या को जल्द हल नहीं किया गया, तो देश के लिए सुरक्षा समस्याएं पैदा हो सकती हैं। प्रतिनिधिमंडल ने यह आरोप भी लगाया कि मणिपुर में “अनिश्चितता और भय” व्याप्त है तथा केंद्र एवं राज्य सरकार वहां की “बहुत गंभीर” स्थिति से निपटने के लिए कोई मजबूत कदम नहीं उठा रही हैं। इस प्रतिनिधिमंडल ने इंफाल स्थित राजभवन में मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात की थी। साथ ही मणिपुर में शांति एवं सौहार्द लाने के लिए प्रभावित लोगों के तत्काल पुनर्वास की मांग करते हुए एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर प्रतिनिधिमंडल ने उसे राज्यपाल को सौंपा था।

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