By अंकित सिंह | Mar 19, 2026
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने तेलंगाना सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार ईद के मौके पर मुस्लिम परिवारों को उपहार बांटकर हिंदुओं के साथ भेदभाव कर रही है, जबकि हिंदुओं को उनके त्योहारों के दौरान इसी तरह के लाभ नहीं दे रही है। इस मुद्दे पर बोलते हुए पूनावाला ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को ईद के तोहफे बांटने के लिए सरकारी खजाने खोलने पर “रेवंतुद्दीन” का नाम दिया। उन्होंने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि आजकल रेवंत रेड्डी की बातें ‘रेवंतुद्दीन’ जैसी लग रही हैं।
उन्होंने तेलंगाना सरकार पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया और उदाहरण देते हुए कहा कि मुस्लिम आरक्षण की मांग और रमजान के दौरान मुस्लिम श्रमिकों को जल्दी छुट्टी देना, लेकिन हिंदू श्रमिकों को उनके त्योहारों के लिए यही सुविधा न देना, भेदभावपूर्ण रवैया है। उन्होंने कहा कि आप कहते हैं कि संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। आप मुस्लिम आरक्षण की मांग करते हैं, जो संविधान के खिलाफ है। आप रमजान के दौरान मुस्लिम श्रमिकों को जल्दी छुट्टी दे रहे हैं, लेकिन हिंदू श्रमिकों को उनके त्योहार के लिए नहीं। इससे भेदभावपूर्ण रवैया साफ दिखता है। वे ‘संविधान’ की बात करते हैं, लेकिन असल में वे वोट बैंक की दुकान हैं।
विश्वभर में मुसलमानों द्वारा मनाया जाने वाला ईद अल-फितर का त्योहार रमज़ान के पवित्र महीने के समापन का प्रतीक है, जिसके दौरान मुसलमान सुबह से शाम तक उपवास रखते हैं। उत्सव में मस्जिदों में विशेष प्रार्थनाएँ करना, नए कपड़े पहनना और परिवार और दोस्तों के साथ दावत का आनंद लेना शामिल है। ज़कात अल-फितर के नाम से जाना जाने वाला दान जरूरतमंदों की सहायता करता है। यह त्योहार कृतज्ञता, करुणा और एकता पर ज़ोर देता है। सेवियाँ जैसी पारंपरिक मिठाइयाँ बनाई जाती हैं और "ईद मुबारक" की शुभकामनाएँ देकर खुशी और आशीर्वाद फैलाया जाता है।