महाराष्ट्र में नाम बदलने की राजनीति तेज, शिवसेना और कांग्रेस के बीच बढ़ सकती है दरार
By अंकित सिंह | Jan 07, 2021
महाराष्ट्र में औरंगाबाद के नाम बदलने को लेकर राजनीति अपने चरम पर है। शिवसेना जहां औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजी नगर करना चाहती है तो वहीं गठबंधन में शामिल कांग्रेस लगातार इसका विरोध कर रही है। हालांकि बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पहली बार संभाजी नगर का जिक्र किया गया। माना जा रहा है कि इसके बाद कांग्रेस और शिवसेना के बीच दरारे बढ़ सकती हैं। जब से शिवसेना की ओर से औरंगाबाद का नाम बदलने के कोशिश तेज की गई है, कांग्रेस लगातार आपत्ति जता रही है। हालांकि अब तो मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से आ रहे बयानों में आधिकारिक तौर पर संभाजीनगर का जिक्र होने लगा है। कांग्रेस के बड़े नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बालासाहेब थोराट ने औरंगाबाद का नाम बदलने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी शहर का नाम बदलने को लेकर तीन पार्टियों की महा विकास आघाडी में कोई कॉमन मिनिमम प्रोग्राम नहीं था। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले का कांग्रेस लगातार विरोध करती रहेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के टि्वटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया जिसमें लिखा हुआ था कि राज्य कैबिनेट ने संभाजी नगर के सरकारी मेडिकल और कैंसर हॉस्पिटल में 165 ने बेड्स तथा 360 नए पोस्ट को मंजूरी दे दी है। माना जा रहा है कि सीएमओ के इस ट्वीट के बाद कांग्रेस काफी नाराज भी है। एक ओर जहां शिवसेना गठबंधन में होने के कारण दबाव महसूस कर रही है तो वहीं दूसरी ओर भाजपा की ओर से औरंगाबाद का नाम बदलने को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।