By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 03, 2026
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर निर्यात किए गए उत्पादों पर शुल्क और करों में छूट (आरओडीटीईपी) योजना को 31 दिसंबर तक बढ़ाया जाना निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे चुनौतीपूर्ण और बदलते वैश्विक व्यापार माहौल के बीच भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा बनाए रखने में मदद मिलेगी। उद्योग मंडल सीआईआई की राष्ट्रीय निर्यात समिति के चेयरमैन संजय बुधिया ने शनिवार को यह कहा।
पैटन इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बुधिया ने कहा कि योजना के विस्तार से अधिक निश्चितता मिलेगी, जिससे निर्यात कीमतें अधिक प्रभावी ढंग से तय करने और दीर्घकालिक अनुबंध हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह समय पर किया गया विस्तार निर्यातकों को महत्वपूर्ण समर्थन देता है और चुनौतीपूर्ण तथा बदलते वैश्विक व्यापार परिवेश के बीच भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा बनाए रखने में मदद करेगा।’’ भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने उद्योग जगत का प्रतिनिधित्व करते हुए 30 सितंबर, 2026 को समाप्त होने वाली इस योजना को पांच साल की लंबी अवधि के लिए जारी रखने की सिफारिश की थी। भारत का निर्यात चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल-अगस्त के दौरान सालाना आधार पर 17.85 प्रतिशत बढ़कर 215.91 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 18.21 प्रतिशत बढ़कर 363 अरब डॉलर रहा।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष में वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात को 1,000 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2025-26 में यह 863 अरब डॉलर था।