By अभिनय आकाश | Jul 15, 2022
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद ने जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक और तीन अन्य को अपहरणकर्ताओं के रूप में पहचाना। महबूबा मुफ्ती की बहन सईद 1989 में उसके अपहरण से संबंधित एक मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुई थी। उन्हें पांच आतंकवादियों के बदले में रिहा किया गया था। संघीय जांच एजेंसी ने 1990 की शुरुआत में मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी। यह पहली बार है जब रुबैया सईद को मामले के सिलसिले में अदालत में पेश होने के लिए कहा गया है।
रूबिया सईद अपहरण
8 दिसंबर 1989, शुक्रवार का दिन था। 23 साल की मेडिकल इंटर्न अपनी ड्यूटी खत्म करके लालदेड़ मेडिकल हॉस्पिटल के बाहर निकली। बाकी दिनों की तरह ही उस मेडिकल इंटर्न ने बस स्टाप पर थोड़ी देर इंतजार करने के बाद एक मिनी बस में सवार हो गई। रूबिया सईद मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी थी। जिन्होंने करीब पांच दिन पहले ही देश के पहले मुस्लिम गृह मंत्री के रूप में शपथ ली थी। बस एक जगह रूकी और कुछ लोग चढ़े। थोड़ी देर बाद बस ने अपने रास्ते की दिशा बदली और तीन लोग रूबिया सईद को घेर कर खड़े हो गए। उनमें से एक नाम यासिन मलिक का था। उनके खिलाफ अभी भी अपहरण का केस चल रहा है और रूबिया सईद की गवाही भी हो गई है। थोड़ी दूर जाने के बाद बस रूकी उन तीनों ने बंदूक निकालकर रूबिया सईद को बस से नीचे उतरने को कहा। 1989 में भारत सरकार ने जेकेएलएफ के कैदियों को रिहा किया और कुछ घंटों बाद रूबिया भी अपने घर पहुंच गई।