By एकता | May 24, 2026
वीजा नियमों (जे1, एफ1 और एच-1बी वीजा) में हाल ही में हुए बदलावों के सवाल पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने दिल्ली में अपनी बात रखी। उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय प्रवासियों के योगदान की खुलकर तारीफ की। रूबियो ने कहा, "सबसे पहले, मैं अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीयों के योगदान को स्वीकार करता हूं। भारतीय कंपनियों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 20 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है और हम चाहते हैं कि यह निवेश लगातार बढ़ता रहे।"
मार्को रूबियो ने अमेरिका के मौजूदा हालातों का जिक्र करते हुए कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका इस समय प्रवासन के एक बड़े संकट से जूझ रहा है। यह संकट भारत की वजह से नहीं है, बल्कि पिछले कुछ सालों में 2 करोड़ से ज्यादा लोग अवैध रूप से अमेरिका में घुस आए हैं। हमें एक देश के रूप में उस बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है।"
उन्होंने कहा कि कोई भी देश जो कुछ भी करता है, वह उसके राष्ट्रीय हित में होना चाहिए और इसमें उसकी इमिग्रेशन पॉलिसी भी शामिल है। रूबियो ने कहा, "मेरा मानना है कि अमेरिका प्रवासियों का स्वागत करने के मामले में दुनिया का सबसे अच्छा देश है। हर साल लगभग दस लाख लोग अमेरिका के स्थायी निवासी बनते हैं। मेरे खुद के माता-पिता 1956 में क्यूबा से स्थायी निवासी बनकर अमेरिका आए थे। इस पूरी प्रक्रिया ने हमारे देश को मजबूत और समृद्ध बनाया है।"
उन्होंने आगे कहा कि इस व्यवस्था को आज के आधुनिक समय की सच्चाइयों के हिसाब से ढालना बेहद जरूरी है और इस सुधार की जरूरत बहुत पहले से थी। अमेरिका अभी एक ऐसी प्रणाली बना रहा है जिसके तहत यह तय किया जा सके कि देश में कितने लोग आएंगे, कौन आएगा और कब आएगा। रूबियो ने माना कि जब भी किसी व्यवस्था में कोई सुधार या बदलाव किया जाता है, तो एक शुरुआती दौर ऐसा आता है जिसमें कुछ रुकावटें और मुश्किलें आती हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने साफ किया कि यह नया नियम भारत को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है, बल्कि इसे पूरी दुनिया में एक समान रूप से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी हम बदलाव के एक दौर से गुजर रहे हैं और किसी भी बदलाव की तरह इस रास्ते में भी कुछ उतार-चढ़ाव आएंगे। लेकिन हमारा मानना है कि आखिरकार हमारा लक्ष्य एक बेहतर, ज्यादा कुशल और मजबूत वीजा प्रणाली बनाना है, जो पहले की व्यवस्था से कहीं बेहतर तरीके से काम करेगी।