By अभिनय आकाश | Apr 01, 2026
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में हंगामेदार दृश्य देखने को मिले, जिसके चलते विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरोध के बीच सदन को 20 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। भाजपा ने पंचायत चुनावों के लिए आरक्षण सूची में बदलाव करने के कांग्रेस सरकार के फैसले पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव पेश किया था। हालांकि, अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इस अनुरोध को लंबित रखा, जिससे विपक्षी बेंचों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अध्यक्ष के इस फैसले का विरोध करते हुए भाजपा सदस्यों ने नारे लगाए और इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की। हंगामे के चलते अध्यक्ष को कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष के जवाब में पठानिया ने कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान उन्होंने यह निर्णय लिया था कि यदि नियम 67 के तहत नोटिस स्वीकार किया जाता है, तो उसी दिन इस पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मामला हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय पहुंचने के बाद अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश जारी किए गए थे। हालांकि, राज्य सरकार ने आपदा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए भारत के सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया, जिसे खारिज कर दिया गया और सर्वोच्च न्यायालय ने मई के अंत तक चुनाव संपन्न कराने का निर्देश दिया।