By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 14, 2026
रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में 20 पैसे टूटकर अब तक के सबसे निचले स्तर 95.86 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया संकट को लेकर चिंताओं से घरेलू मुद्रा पर दबाव है। रुपया इस साल एशिया की सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गया है और इसमें अब तक छह प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है। महंगा कच्चा तेल, मजबूत अमेरिकी डॉलर और पश्चिम एशिया संकट को लेकर बढ़ती चिंताएं इसकी मुख्य वजह हैं।
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 424.44 अंक चढ़कर 75,033.42 अंक पर जबकि निफ्टी 141.90 अंक चढ़कर 23,554.50 पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ 106.10 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 4,703.15 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।