By अभिनय आकाश | Oct 28, 2025
याद कीजिए वो दौर जब आसमान में उड़ने वाले हर विमान पर मेड इन यूएसए मेड इन फ्रांस लिखा होता था। लेकिन अब वो वक्त बदल चुका है क्योंकि अब आसमान में गूंजने जा रहा मेड इन इंडिया की दहाड़। जी हां, आज भारत ने वो कर दिखाया जिसकी कल्पना तक किसी ने नहीं की थी। भारत अब खुद यात्री विमान बनाएगा वो भी भारत में। अब वो सपना साकार होने जा रहा है जिसने पूरे भारत को गर्व से भर दिया। हिंदुस्तान एयररोनॉटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल और हमारे सबसे भरोसेमंद सहयोगी रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन यानी कि यूएईसी ने मिलकर बड़ा ऐलान कर दिया। यह साझेदारी सिर्फ एक समझौता नहीं यह भारत रूस की अटूट दोस्ती की नई उड़ान है और यह सुनकर पाकिस्तान और अमेरिका दोनों के होश उड़ गए हैं।
एसजे-100 एक दो इंजन वाला, संकीर्ण शरीर वाला विमान है जिसे छोटी दूरी की उड़ानों के लिए डिज़ाइन किया गया है। इनमें से 200 से ज़्यादा जेट विमानों का उत्पादन पहले ही हो चुका है और दुनिया भर में 16 से ज़्यादा वाणिज्यिक एयरलाइनों द्वारा इनका संचालन किया जाता है। यह विमान 103 यात्रियों को ले जा सकता है और इसकी उड़ान सीमा लगभग 3,530 किलोमीटर है। यह अपनी कम परिचालन लागत और -55°C से 45°C तक की विस्तृत जलवायु में कुशलतापूर्वक प्रदर्शन करने की क्षमता के लिए जाना जाता है।
इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दिसंबर 2025 में भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए भारत की अपेक्षित यात्रा से पहले हुए हैं। यह समझौता दोनों देशों के बीच मज़बूत रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को दर्शाता है, भले ही वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब भारत बढ़ते अमेरिकी दबाव और रूसी तेल की निरंतर खरीद से जुड़े टैरिफ के बावजूद रूस के साथ अपने संबंधों को गहरा कर रहा है।