By अभिनय आकाश | May 28, 2026
रूस ने भारत को एक ऐसा ऑफर दे दिया है जिसके बाद चीन के टैंक एक्सपर्ट्स और पाकिस्तान की सेना दोनों की टेंशन बढ़ गई है। कल्पना कीजिए अगर भारत के 3600 से ज्यादा टैंक अचानक नेक्स्ट जनरेशन बन जाए। अगर भारतीय T90 टैंक ड्रोन हमलों को हवा में ही खत्म करने लगे। अगर रेगिस्तान से लेकर एलएसी तक भारतीय टैंक पहले से कई गुना ज्यादा घातक हो जाए तो एशिया में ताकत का संतुलन पूरी तरह से बदल सकता है और अब रूस यही करने की तैयारी में है। दरअसल बता दें कि रूस की मशहूर टेक डिज़ एजेंसी ने बता दें और उसके जो चीफ इंजीनियर हैं और डायरेक्टर हैं एंड्री उन्होंने भारत को एक बड़ा ऑफर दिया है। एंड्री ने कहा है कि रूस भारत के T72 अजय और T90 भीष्म टैंकों को भविष्य के युद्ध के हिसाब से अपग्रेड करने को तैयार है।
रूस का यह दावा है कि उसका T9M दुनिया के सबसे बेहतरीन टैंकों में से एक है और यूक्रेन युद्ध से मिले अनुभव के आधार पर भारत के भीष्म टैंकों को और भी ज्यादा यह घातक बनाया जा सकता है। रूसी डिजाइनर ने यह साफ कहा है कि ड्रोन युद्ध से टैंकों को कैसे बचाना है। रूस यह अनुभव भारत के साथ साझा करने को तैयार है। अब यहां सबसे दिलचस्प कहानी शुरू होती है। आज रूस भारत के टैंकों को अपग्रेड करने की बातें कर रहा है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब भारत ने रूस की टैंक इंडस्ट्री को डूबने से बचाया था। 1990 के दशक में सोवियत संघ टूट चुका था। रूस आर्थिक संकट में था। रूस की मशहूर टैंक कंपनी बंद होने की कगार पर पहुंच गई थी। उसके पास T90 जैसे शानदार टैंक डिजाइन तो था लेकिन उसे खरीदने के लिए खुद रूसी सेना के पास पैसे नहीं थे। तभी भारत आगे आया। साल 2001 में भारत ने रूस से 310 T90 टैंकों की बड़ी डील की और बाद में चेन्नई की एचपीएफ फैक्ट्री में हजारों T90 भारत में ही बनने लगे। कहा जाता है कि भारत की इसी डील ने रूस की टैंक इंडस्ट्री में फिर से जान डाल दी थी। यानी जिस भारत ने कभी रूस की रक्षा इंडस्ट्री को सहारा दिया था। आज वही रूस भारत की सेना को भविष्य के युद्ध के लिए और भी ज्यादा ताकतवर बनाने की तैयारी कर रहा है। यानी ये साफ है कि आने वाले युद्ध सिर्फ गोलियों से नहीं लड़ा जाएगा। ड्रोन, एआई और स्मार्ट टेक ही नई ताकत तय करेंगे।