घुटनों पर आयी महाशक्ति! यूक्रेन के चक्रव्यूह में फंसा रूस, इतिहास में पहली बार पुतिन ने मानी अपनी लाचारी!

By रेनू तिवारी | Jun 29, 2026

रूस-यूक्रेन युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर पहुँच गया है जिसने दुनिया को हैरान कर दिया है। यूक्रेन द्वारा रूस के सैन्य और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर किए गए विनाशकारी लंबी दूरी के ड्रोन हमलों ने महाशक्ति रूस की अर्थव्यवस्था और युद्ध क्षमता की रीढ़ तोड़ दी है। यूक्रेन के इस अभेद्य चक्रव्यूह का असर इस कदर हुआ है कि रूस की प्रमुख तेल रिफाइनरियों में आग लग चुकी है और इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सार्वजनिक रूप से देश में ईंधन की किल्लत और बेहद "कठिन दौर" की लाचारी स्वीकार करनी पड़ी है। रूस के कई इलाकों में तेल के लिए मचे हाहाकार और पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारों ने यह साबित कर दिया है कि यूक्रेनी ड्रोनों के इस प्रहार से क्रेमलिन रक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर हो गया है।  

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उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक हमला रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करने और शांति की दिशा में एक और कदम है।’’ इन हमलों के कारण रूस में ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है। कई क्षेत्रों में पेट्रोल की कमी और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिसके कारण कुछ क्षेत्रों में ईंधन के वितरण पर कोटा या सीमा तय करना भी शुरू कर दिया गया है। पश्चिमी विश्लेषकों का मानना है कि इससे रूस के सैन्य अभियान की रफ्तार भी प्रभावित हुई है और क्रेमलिन पर वार्ता करने का दबाव बढ़ा है।

पुतिन ने रूस के सरकारी टेलीविजन पर कहा कि यूक्रेन का उद्देश्य रूसी समाज में विभाजन पैदा करना और रूस को अपनी सैन्य प्रगति रोकने के लिए मजबूर करना है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि इन हमलों का युद्ध के मोर्चे पर कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि यूक्रेन ने दोनों देशों के अंदरुनी इलाकों पर हमले रोकने तथा लड़ाई को केवल दोनेत्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिजिया क्षेत्रों तक सीमित करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन रूस ने इसे अस्वीकार कर दिया।

वहीं, रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र के स्लाव्यान्स्क-ना-कुबानी स्थित बड़ी तेल रिफाइनरी में यूक्रेनी ड्रोन के मलबे से आग लग गई। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत और एक अन्य घायल हो गया। स्थानीय प्राधिकारियों ने यह जानकारी दी। जेलेंस्की ने यह भी दावा किया कि यारोस्लाव क्षेत्र की एक अन्य रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया, हालांकि रूस ने इसकी पुष्टि नहीं की।

ईंधन की स्थिति की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ हुई बैठक में पुतिन ने स्वीकार किया कि देश ‘‘एक कठिन दौर से गुजर रहा है’’, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि मॉस्को अपनी सभी सामाजिक जिम्मेदारियों का पूरी तरह पालन करेगा। इसके कुछ ही देर बाद पुतिन ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि यूक्रेन के हमलों का मुकाबला करने के लिए देश का रक्षा उद्योग जल्द ही हवाई रक्षा प्रणालियों का उत्पादन तेज करेगा।

पुतिन ने यह भी कहा कि ईंधन की ‘‘अस्थायी कमी’’ को दूर करने के लिए रूस अधिक ईंधन का आयात करेगा और तेल प्रतिष्ठानों की मरम्मत का काम तेजी से पूरा करेगा। इस बीच, रूस और यूक्रेन के बीच हवाई हमले भी जारी रहे। यूक्रेन के जापोरिजिया शहर पर रूसी बमबारी में दो लोगों की मौत और 16 लोग घायल हो गए, जबकि रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत और एक अन्य घायल हुआ। रूस ने दावा किया कि उसने रातभर में 213 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए, जबकि यूक्रेन ने कहा कि रूस ने 142 ड्रोन और आठ मिसाइलों से हमला किया, जिनमें से अधिकांश को उसकी वायुसेना ने नष्ट कर दिया।

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