Prabhasakshi Exclusive: Russia-Ukraine 1000 दिनों से आपस में युद्ध लड़ रहे, झुकने को कोई तैयार नहीं, आखिर क्या होगा अंजाम?

By नीरज कुमार दुबे | Nov 13, 2024

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम शौर्य पथ में इस सप्ताह हमने ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) से जानना चाहा कि रूस-यूक्रेन रह-रह कर एक दूसरे पर हमले बढ़ा रहे हैं। इस बीच रूस और उत्तर कोरिया ने रक्षा संबंधी संधि का नवीनीकरण भी कर लिया है। अब यह युद्ध अपने 1000 दिन भी पूरे करने जा रहा है। आगे के परिदृश्य को कैसे देखते हैं आप? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि आजकल युद्ध बंद नहीं होने के लिए शुरू हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ताजा जानकारी यह है कि रूसी गोलाबारी में मध्य यूक्रेन के निप्रॉपेट्रोस क्षेत्र के निकोपोल शहर में दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा निप्रॉपेट्रोस क्षेत्र के क्रिवी रिह में एक आवासीय इमारत पर रूसी मिसाइल हमले में एक महिला की मौत हो गई और 14 नागरिक घायल हो गए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा खबर है कि रूस के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि रूसी सेना ने यूक्रेन के पूर्वी खार्किव क्षेत्र में कोलिस्नीकिव्का की बस्ती पर कब्जा कर लिया है।


ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि इस युद्ध में यह भी महत्वपूर्ण है कि यूक्रेन की सेनाएं रूस के कुर्स्क क्षेत्र में लगभग 50,000 दुश्मन सैनिकों से लड़ रही हैं। इस बारे में यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन पूर्व में पोक्रोव्स्क और कुराखोव मोर्चों पर अपनी स्थिति को "काफी मजबूत" कर रहा है जहां सबसे सक्रिय लड़ाई हो रही है। उन्होंने कहा कि इसी बीच यह भी खबर है कि यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा है कि यूरोपीय संघ ने यूक्रेन को युद्ध के लिए 980,000 से अधिक गोलों की आपूर्ति की है और इस साल के अंत तक इसके 1 मिलियन का आंकड़ा पार करने की योजना है।

इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi Exclusive: S-400 Air Defence System की बची सप्लाई समय पर नहीं दे पायेगा Russia, भारत की रक्षा पर पड़ेगा असर!

ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने साथ ही कहा कि उत्तर कोरिया ने रूस के साथ एक पारस्परिक रक्षा संधि की पुष्टि की है, जिस पर दोनों देशों के नेताओं ने जून में हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा कि यह संधि सशस्त्र हमले के मामले में प्रत्येक पक्ष को दूसरे की सहायता के लिए आने का आह्वान करती है। उन्होंने कहा कि युद्ध के मोर्चे पर एक और अहम खबर यह है कि क्रेमलिन ने उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है कि अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की थी। उन्होंने कहा कि यह खंडन तब आया है जब अज्ञात सूत्रों ने दावा किया था कि ट्रम्प ने पुतिन को कॉल पर कहा था कि मॉस्को को यूक्रेन में अपना युद्ध नहीं बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में फिलहाल यही संकेत मिल रहे हैं कि इसका अंत दूर दूर तक नजर नहीं आ रहा है। रूसी सेना लगातार आगे बढ़ रही है और अपने लक्ष्य को हासिल करने तक वह ऐसा करती रहेगी। उन्होंने कहा कि युद्ध में कोई नया मोड़ डोनाल्ड ट्रंप के औपचारिक रूप से अमेरिका की कमान संभालने के बाद ही संभव दिखता है।

Latest World News in Hindi at Prabhasakshi

All the updates here:

प्रमुख खबरें

अब AI बनेगा भारत की नई शक्ति! Bharat Mandapam से PM Modi ने किया Tech Revolution का शंखनाद

Dhaka में Tariq Rahman का शक्ति प्रदर्शन? शपथ ग्रहण में Nepal समेत कई South Asian नेताओं को न्योता

Bangladesh Politics में नया ट्विस्ट: MPs के शपथ ग्रहण पर दोहरी शपथ को लेकर फंसा पेंच

Adiala Jail में आधी रात गुप्त जांच! Imran Khan की सेहत पर PTI ने Chief Justice से की शिकायत