Russia-Ukraine War: लड़ाई जारी रहने पर रूस ने यूक्रेनी शहरों की घेराबंदी बढ़ायी, कीव पर मिसाइल हमले का खतरा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 09, 2022

लवीव (यूक्रेन) युद्धग्रस्त यूक्रेन की राजधानी कीव में बुधवार की सुबह एक हवाई हमले का अलर्ट घोषित किया गया और रूस की ओर से मिसाइलें दागे जाने के खतरे के बीच निवासियों से जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर जाने का अनुरोध किया गया। वहीं, सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर मारियुपोल की घेराबंदी कर दी गयी है जिससे वहां मानवीय संकट बढ़ गया है। कीव क्षेत्रीय प्रशासन के प्रमुख ओलेक्सी कुलेबा ने हवाई हमले का अलर्ट जारी करते हुए कहा कि यूक्रेन की राजधानी पर  मिसाइल हमले का खतरा है।

ऐसी जानकारी है कि दो हफ्तों से चल रही इस लड़ाई में देश भर में हजारों लोगों की मौत हो गयी है जिसमें सैन्य और असैन्य नागरिक शामिल हैं। वहीं कीव के आसपास समेत कई इलाकों को यूक्रेन की सेना व लोगों के कड़े प्रतिरोध के चलते रूसी बलों का आगे बढ़ना रुका हुआ है। यूक्रेन पर हमला करने के करीब दो हफ्ते बाद हालांकिरूसी सेना ने देश की तटरेखा पर बढ़त हासिल कर ली है, जिससे क्रीमिया तक जमीनी पुल बनाया जा सकता है जिसे मॉस्को ने 2014 में यूक्रेन से छीन लिया था।

अजोव सागर पर स्थित मारियुपोल को रूसी सैनिकों ने कई दिनों से घेर रखा है और 4,30,000 लोगों की आबादी वाले इस शहर में मानवीय संकट बढ़ रहा है। शहर की सड़कों पर शव पड़े हुए हैं। भूखे लोग भोजन की तलाश में दुकानें तोड़ रहे हैं और पानी के लिए बर्फ पिघला रहे हैं। रूसी बमबारी से बचने के लिए हजारों लोगों ने भूमिगत स्थलों में शरण ले रखी है। महिलाओं और बच्चों से भरे एक बेसमेंट में रोते हुए गोमा जाना ने कहा, मैं क्यों न रोऊं? मुझे अपना घर चाहिए। मुझे अपनी नौकरी चाहिए। मैं लोगों, शहर और बच्चों के लिए बहुत दुखी हूं।

यूक्रेन की उप प्रधानमंत्री इरीना वेरेशचुक ने कहा कि मारियुपोल विनाशकारी स्थिति’’ में है। इस बीच, पोलैंड ने यूक्रेन की सेना की मदद करने के लिए अमेरिका को अपने सभी मिग-29 लड़ाकू विमान देने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह प्रस्ताव उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के लिए गंभीर चिंताएं पैदा करता है और यह योजना ‘‘तर्कसंगत नहीं है। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक करीब 20 लाख लोग यूक्रेन छोड़ चुके हैं। रूस को आर्थिक स्तर पर अलग-थलग करने के प्रयास निरंतर जारी हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की और बहुराष्ट्रीय तेल एवं गैस कम्पनी ‘शेल’ ने कहा कि वह अब रूस से तेल और प्राकृतिक गैस नहीं खरीदेगी।

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