By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 22, 2026
(योषिता सिंह) न्यूयॉर्क, 22 सितंबर भारत और मध्य यूरोप के चार देशों के ‘विसेग्राद’ समूह ने सोमवार को अपनी पहली विदेश मंत्रिस्तरीय बैठक में राजनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसे ‘‘एक नया ऐतिहासिक अवसर’’ बताया। विसेग्राद समूह (वी4) चेक गणराज्य, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया का एक सांस्कृतिक और राजनीतिक गठबंधन है, जिसका उद्देश्य सैन्य, आर्थिक, सांस्कृतिक और ऊर्जा मामलों में सहयोग को बढ़ावा देना है। भारत और विसेग्राद समूह के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से इतर हुई।
जयशंकर ने कहा, ‘‘हम प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष के क्षेत्र में भी यह तलाशेंगे कि क्या हम और अधिक सहयोग कर सकते हैं। रक्षा के क्षेत्र में सभी वी4 देशों के साथ हमारे बहुत मजबूत इतिहास रहा है। हम उस सहयोग को फिर से आगे बढ़ाना चाहते हैं।’’ समूह की बैठक में अंतरिक्ष, संपर्क और लोगों के बीच आवागमन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
जयशंकर ने कहा कि बैठक ‘‘बहुत सार्थक और उपयोगी’’ रही। इसमें सहयोग के साथ-साथ यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रम समेत प्रमुख वैश्विक संकटों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह वास्तव में बहुत ही सार्थक और उपयोगी बैठक रही।
मैं इससे बहुत खुश हूं।’’ जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ‘वी4 प्लस भारत’ प्रारूप के तहत हुई पहली बैठक में विदेश मंत्रियों की वार्षिक बैठक समेत करीबी राजनीतिक सहयोग और वार्षिक व्यापार मंच समेत गहरे आर्थिक सहयोग पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि देशों ने प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष, अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करने, रक्षा सहयोग को फिर से सक्रिय करने, सांस्कृतिक सहयोग एवं लोगों के बीच संबंधों को और विकसित करने तथा बहुपक्षवाद के समर्थन के लिए मिलकर काम करने पर भी सहमति जताई। जयशंकर ने यह भी कहा कि वी4 देशों के साथ भारत के ‘‘बहुत अच्छे’’ संबंध हैं।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ये ऐसे देश हैं जिनके पास बहुत मजबूत और विशिष्ट क्षमताएं हैं। ये औद्योगिक अर्थव्यवस्थाएं हैं, जिनके पास नवोन्मेष और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बेहतरीन प्रतिभा है। वी4 किस तरह साथ आता है, यह उन्हें तय करना है लेकिन हम वी4 के साथ मिलकर काम करने के अवसर का निश्चित रूप से स्वागत करते हैं।