Kerala में बोले S Jaishankar, दिल्ली में केरल की आवाज बनेंगे मुरलीधरन, मोदी के हाथों को करेंगे मजबूत

By अंकित सिंह | Apr 05, 2024

देश के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेता वी मुरलीधरन के प्रयासों की सराहना करते हुए, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि उनके जैसा "जन-केंद्रित" व्यक्ति लोगों के जीवन में सुधार के लिए सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत करेगा। जयशंकर ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि केरल के लोग वी मुरलीधरन के काम को पहचानेंगे और वह कितने अच्छे संसद सदस्य बनेंगे।

एस जयशंकर ने कहा कि सबसे पहले, मुरलीधरन एक बहुत ही जन-केंद्रित व्यक्ति हैं जो लोगों के मुद्दों को संबोधित करते हैं। वह यह सुनिश्चित करने के लिए एक महान प्रतिनिधि होंगे कि प्रधान मंत्री मोदी की सभी योजनाएं और अभियान आप तक पहुंचें। वह ऐसे व्यक्ति हैं जो आपके मुद्दों से निपटेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि सभी योजनाएं और नीतियां काम करें। सरे, मुरलीधरन वह व्यक्ति हैं जो इस देश में पासपोर्ट सेवाओं में सुधार के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार रहे हैं। जिस किसी के पास पासपोर्ट है या वह इसे आसानी से प्राप्त कर सकता है, यह सब मुरलीधरन के श्रेय के कारण है। 

इसे भी पढ़ें: Prajatantra: वायनाड में आपस में लड़ रहा INDI गठबंधन, स्मृति ईरानी वहां भी बिगाड़ेंगी Rahul Gandhi का खेल?

विदेश मंत्री ने कहा कि राज्य मंत्री के रूप में अपने काम के जरिए मुरलीधरन ने भारत और खाड़ी क्षेत्र के बीच एक सेतु का काम किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें खाड़ी देशों में पीएम मोदी के प्रतिनिधि के तौर पर जाना जाता है। आज उन्हीं की वजह से हमारे देश के संबंध खाड़ी देशों, खासकर यूएई के साथ इतने बेहतर हो गए हैं। खाड़ी से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए वह पिछले 5 वर्षों से दिन-रात एक कर समाधान कर रहे हैं। अभियान होता है या कोई मुसीबत में होता है तो वह ही मदद करते है। इसलिए हम उन्हें सरकार में वापस चाहते हैं।' हम उन्हें लोकसभा सांसद के रूप में देखना चाहते हैं। 

प्रमुख खबरें

International Nelson Mandela Day 2026: दक्षिण अफ्रीका में लोकतंत्र की नींव रखने वाले नायक की कहानी, जानें क्यों मिला Nobel Peace Prize

दो साल का इंतजार खत्म: Japan Open के Final में पहुंची PV Sindhu, चेन युफेई हुई चोटिल

गाजियाबाद के मुरादनगर में विपक्षियों पर गरजें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

भारत के पहले प्राइवेट रॉकेट विक्रम-1 ने श्रीहरिकोटा से भरी उड़ान, 450 किमी की कक्षा में पेलोड तैनात करेगा