डॉक्टरों के खिलाफ बढ़ती हिंसा से बेहद दुखी हूं, उन्हें बेहतर माहौल की जरूरत है: प्रधान न्यायाधीश

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 08, 2022

नयी दिल्ली|  प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण ने डॉक्टरों के खिलाफ बढ़ती हिंसा तथा उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जाने पर शनिवार को गंभीर चिंता व्यक्त की। न्यायमूर्ति रमण ने कहा कि वह डॉक्टरों की अटूट भावना के प्रति भी सम्मान व्यक्त करना चाहेंगे जो अपने मरीजों के लिए चौबीसों घंटे काम करते हैं।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, डॉक्टरों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को देखकर मुझे बेहद दुख होता है। ईमानदार और मेहनती डॉक्टरों के खिलाफ कई झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्हें काम करने के बेहतर और अधिक सुरक्षित माहौल की जरूरत है।

डॉ. कर्नल सीएस पंत और डॉ. वनीता कपूर द्वारा लिखी गई पुस्तक एटलस ऑफ ब्रेस्ट इलास्टोग्राफी एंड अल्ट्रासाउंड गाइडेड फाइन नीडल साइटोलॉजी के विमोचन अवसर पर बोलते हुए न्यायमूर्ति रमण ने कहा, यह वह जगह है जहां पेशेवर चिकित्सा संघ बहुत महत्व रखते हैं। उन्हें डॉक्टरों की मांगों को उठाने में सक्रिय रहना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं देश की आबादी का 50 प्रतिशत हैं और वे परिवार तथा समाज की रीढ़ हैं और इसलिए, उनके स्वास्थ्य को समाज तथा नीतियों में समान रूप से स्थान मिलना चाहिए। न्यायमूर्ति रमण ने कहा, लोग, विशेष रूप से घर में महिलाएं, अपने स्वास्थ्य को छोड़कर सभी के स्वास्थ्य का ख्याल रखती हैं।

परिवार के अन्य सदस्यों, विशेष रूप से पति और बच्चों का यह कर्तव्य है कि वे उसे नियमित स्वास्थ्य जांच के वास्ते भेजें जिससे कि वह अपने शरीर और स्वास्थ्य को समझने की स्थिति में हो सके। उन्होंने कहा, हमें एक पत्नी या मां के महत्व का एहसास तब होता है जब वह नहीं होती है।

मुझे एहसास है कि भले ही मेरी माँ का 80 वर्ष की आयु में निधन हुआ हो, लेकिन आज तक मुझे अपनी माँ के खोने का एहसास है। इसलिए प्रत्येक परिवार को उस गृहिणी के महत्व को पहचानना चाहिए जो पूरे परिवार की देखभाल करती है।

प्रमुख खबरें

Jairam Ramesh का बड़ा बयान: Democracy की नींव Political Parties हैं, CJP जैसे आंदोलन सिर्फ माध्यम

France Music Festival में महिलाओं पर Syringe Attack का खौफ, यौन उत्पीड़न की शिकायतों से मचा हड़कंप

World Cup: England और Ghana का मैच गोलरहित ड्रॉ, ग्रुप L में फंसा रोमांचक पेंच

Delhi के मंत्री Sirsa ने CM Bhagwant Mann की गिरफ्तारी माँगी, गुरु अपमान पर चुप्पी क्यों?