By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 10, 2026
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश सरकार पर शराब माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया और सागर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के इस दावे पर सवाल उठाया कि जहरीली शराब उत्तर प्रदेश के ललितपुर से लाई गई थी। सागर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों का आंकड़ा बृहस्पतिवार को 16 हो गया, जबकि 32 अन्य लोगों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। मामले में आरोपी बनाए गए 30 लोगों में से 16 को गिरफ्तार किया गया है और एक को हिरासत में लिया गया है।
उन्होंने सागर के पुलिस अधीक्षक के ललितपुर से शराब की आपूर्ति किए जाने के दावे पर भी सवाल उठाया। सिंह ने दावा किया कि अडावन गांव के निवासी बृजेश महाराज ने त्रासदी से कई महीने पहले ही अवैध शराब उतारे जाने और बेचे जाने की सीसीटीवी फुटेज पुलिस के अनुविभागीय अधिकारी और एसपी को उपलब्ध कराई थी। माकपा नेता ने दावा किया कि प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त शराब माफिया ने महाराज के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे क्षतिग्रस्त कर दिए और उनके खिलाफ झूठा मामला भी दर्ज कराया।
सिंह ने आबकारी आयुक्त के कथित ‘‘उज्जैन कनेक्शन’’ पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन मौके पर मौजूद होने के बावजूद आयुक्त ने आबकारी अधिकारियों को निलंबित करने के लिए सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में आई खबरों का हवाला दिया, जो आरोपियों को बचाने की कोशिश का संकेत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के बाद संभागीय आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक को बदल दिया, लेकिन एसपी और जिलाधिकारी अपने पदों पर बने हुए हैं।
माकपा ने आरोप लगाया कि अब तक सरकार और प्रशासन की कार्रवाई अधिकारियों तथा शराब माफिया के बीच सांठगांठ एवं अवैध कारोबार को राजनीतिक संरक्षण दिए जाने की ओर इशारा करती है। पार्टी ने कथित गठजोड़ की निंदा करते हुए इसके खिलाफ जनप्रतिरोध का आह्वान किया। इस बीच, सागर के एसपी सुजानिया ने ‘पीटीआई- भाषा’ को बताया कि उत्तर प्रदेश के ललितपुर के एक गिरोह का सदस्य रवि लखेरा जिले में जहरीली शराब बनाने में कथित तौर पर शामिल था।
एसपी ने कहा, ‘‘लखेरा ललितपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र की गंगापुरम कॉलोनी का रहने वाला है और फरार है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का रहने वाला है, जहां उसके माता-पिता अब भी वहां रहते हैं।