Bankim Chandra Chattopadhyay Death Anniversary: वो 'साहित्य सम्राट' जिसने कलम से जगाई थी Freedom की ज्वाला

By अनन्या मिश्रा | Apr 08, 2026

भारत के प्रसिद्ध लेखक, पत्रकार और कवि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का 08 अप्रैल को निधन हो गया था। उनको बंगाली भाषा का साहित्य का सम्राट कहा जाता है। वह भारतीय राष्ट्रवाद के शुरूआती समर्थकों में से एक थे। वहीं उनकी रचनाएं स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरणा देती थीं। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की सबसे फेमस रचना 'वंदे मातरम्' है, जो आजादी की लड़ाई का नारा बन गया। तो आइए जानते हैं उनके डेथ एनिवर्सरी के मौके पर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

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बंगाली साहित्य के लेखक

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को बंगाली साहित्य के सबसे महान लेखकों में एक माना जाता है। उनके उपन्यासों और कहानियों ने भारतीय साहित्य को नई दिशा दी है। अंग्रेजों के शासन में लोगों के दिलों में देशभक्ति की भावना जगाई थी। उनका नाम आज भी राष्ट्र प्रेम और भारतीय प्रतीक की पहचान है।

किसने लिखा 'वंदे मातरम्'

किम चंद्र चट्टोपाध्याय के उपन्यास आनंदमठ का एक गीत 'वंदे मातरम्' है। बाद में यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय गौरव के परिदृश्यों के उपयोग के लिए एक राष्ट्रगान बन गया। साल 1870 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 'वंदे मातरम' लिखा था।

मृत्यु

वहीं 08 अप्रैल 1894 को बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का निधन हो गया था।

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