By अभिनय आकाश | Aug 21, 2026
राज्यसभा के पूर्व सांसद और तृणमूल कांग्रेस नेता साकेत गोखले ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की आधिकारिक यात्राओं और उन पर खर्च हुए सार्वजनिक धन का विवरण देने से इनकार कर दिया है। आयोग ने सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत इस जानकारी को व्यक्तिगत बताया है। गोखले ने कहा कि उन्होंने 18 जून को एक RTI आवेदन दायर किया था। इसमें उन्होंने 19 फरवरी, 2025 को CEC का पद संभालने के बाद से कुमार की सभी आधिकारिक यात्राओं और उन पर सार्वजनिक कोष से हुए खर्च का विवरण मांगा था। खबर लिखे जाने तक चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। मांगी गई जानकारी में देश और विदेश की कुल यात्राओं की संख्या, हर यात्रा की तारीखें, जगहें, यात्रा का मकसद और तरीका, सरकारी खर्च पर CEC के साथ जाने वाले अधिकारी, और यात्रा, रहने-सहने, रोज़ के भत्ते, लोकल ट्रांसपोर्ट और दूसरे खर्चों का ब्योरा शामिल था।
उन्होंने पूछा कि ज्ञानेश कुमार के दौरों पर जनता का पैसा किस तरह खर्च हुआ है कि ECI इसे बताने से डर रहा है? उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जब से कुमार ने CEC का पद संभाला है, चुनाव आयोग में जवाबदेही और पारदर्शिता की कमी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक ब्लैक होल बन गया है। गोखले ने कहा कि RTI अर्ज़ी में खास तौर पर उन सरकारी दौरों की जानकारी मांगी गई थी जिनका खर्च पूरी तरह या आंशिक रूप से जनता के पैसे से हुआ था। उन्होंने बताया कि इसमें किसी भविष्य के यात्रा कार्यक्रम, रियल-टाइम मूवमेंट की जानकारी, या सुरक्षा, एस्कॉर्ट या प्रोटोकॉल इंतज़ामों के बारे में नहीं पूछा गया था। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के जवाब से CEC की सरकारी यात्रा पर हुए खर्च को लेकर सवाल उठे हैं और उन्होंने ज़्यादा पारदर्शिता की मांग की।