स्पिनरों के लिये भी महत्वपूर्ण है लार, ड्रिफ्ट पाने में मिलती है मदद: चहल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 12, 2020

नयी दिल्ली। भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल का मानना है कि लार के उपयोग पर प्रतिबंध से तेज गेंदबाजों ही नहीं स्पिनरों को भी नुकसान होगा क्योंकि इससे उन्हें बीच के ओवरों में जरूरी ‘ड्रिफ्ट’ नहीं मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने कोविड-19 महामारी को देखते हुए अंतरिम स्वास्थ्य उपायों के तहत गेंद पर लार का उपयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके बाद माना जा रहा है कि यह खेल बल्लेबाजों के लिये अधिक अनुकूल बन जाएगा। चहल ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो से कहा, ‘‘जब आप लार जैसी कोई प्राकृतिक चीज का उपयोग करते हो तो इससे तेज गेंदबाजों को स्विंग हासिल करने और स्पिनरों को ड्रिफ्ट पाने में मदद मिलती है। ’’ ‘ड्रिफ्ट’ क्रिकेट की शब्दावली है जिसका उपयोग धीमी गति के गेंदबाज द्वारा हवा के बहाव से स्पिन हासिल करने के लिये किया जाता है। चहल ने कहा, ‘‘अगर एक स्पिनर बीच के ओवरों में ड्रिफ्ट हासिल नहीं कर सकता तो बल्लेबाजों के लिये आसानी होगी। इससे दुनिया का प्रत्येक गेंदबाज प्रभावित होगा। एक बार नेट्स पर गेंदबाजी करने के बाद ही मैं इसका समाधान ढूंढ पाऊंगा। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘स्पिनर भी गेंद को चमकाने के लिये लार का उपयोग करते हैं क्योंकि हमें पता होता है कि हमारे बाद तेज गेंदबाज गेंद थामंगे या वह दूसरे छोर से गेंदबाजी कर रहा होता है। ’’ चहल ने कहा, ‘‘मैं गेंद को उस स्थिति में रखना पसंद करता हूं जिससे उससे तेज गेंदबाजों को मदद मिले। तेज गेंदबाज भी ऐसा सोचते हैं। जब वे देखते हैं कि स्पिनर आने वाले हैं तो वे गेंद को बहुत अधिक चमकाने से बचते हैं। हम इस तरह से रणनीति बनाते हैं। ’’ अपने खेल के बारे में इस लेग स्पिनर ने कहा कि मुंबई इंडियन्स की तरफ से आईपीएल खेलते हुए हरभजन सिंह की एक सलाह उनके लिये हमेशा काम आयी। 

इसे भी पढ़ें: जार्ज फ्लॉयड की हत्या के विरोध में प्रीमियर लीग के फुटबॉलर पहन सकते है ‘ब्लैक लाइव्स मैटर’ जर्सी

चहल ने कहा, ‘‘हरभजन सिंह ने एक बार मुझसे कहा था कि हमेशा एक गेंदबाज के तौर पर अपने कौशल पर भरोसा करो। मेरा मजबूत पक्ष गति में विविधता और बल्लेबाज को फ्लाइट से परेशान करना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने देखा है कि कई स्पिनर चिन्नास्वामी में गेंदबाजी करते समय अपने एक्शन में बदलाव करते हैं। मैं उनका डर समझ सकता हूं। इसके बाद मैं अपनी टीम के बल्लेबाजों को इस बारे में बताता हूं ताकि वे उसके खिलाफ आक्रामक रूख अपना सकें। ’’ चहल ने कहा कि विराट कोहली और रोहित शर्मा दोनों ही उनकी आक्रामक प्रवृति को टीम के लिये लाभदायक मानते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘विराट कोहली या रोहित शर्मा में से कोई भी कप्तान हो, वे चाहते हैं कि हम विकेट हासिल करें। अगर मैं दस ओवरों में 70 रन भी लुटाता हूं पर बीच के ओवरों में तीन विकेट लेता हूं तो इससे टीम को फायदा मिलेगा।

प्रमुख खबरें

Assam में Bakrid से पहले मस्जिद कमेटियों का बड़ा फैसला, गाय की कुर्बानी पर लगाई रोक, CM Sarma ने की तारीफ

Delhi Gymkhana Club खाली करने के आदेश पर भड़कीं Kiran Bedi, बोलीं- यह बेहद दुखद फैसला

IIT Delhi और Indian Startup का कमाल, Optimist AC खत्म करेगा बिजली बिल और सर्विस Fraud की टेंशन

Bachendri Pal Birthday: Mount Everest पर तिरंगा फहराने वाली Bachendri Pal की कहानी, जिसने दुनिया में बढ़ाया India का मान