By Ankit Jaiswal | Mar 03, 2026
एआई की दुनिया में इन दिनों हलचल तेज है। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने स्वीकार किया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ हुए समझौते में कंपनी को थोड़ा और समय लेना चाहिए था। बता दें कि यह डील अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ एआई तकनीक के उपयोग को लेकर की गई थी, जिस पर सोशल मीडिया में काफी विरोध देखने को मिला।
ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर माना कि पूरी स्थिति “साफ-सुथरी” नहीं दिखी और इससे गलत संदेश गया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सीखने का अनुभव रहा है, खासकर ऐसे समय में जब फैसले बड़े दांव पर लगे होते हैं।
गौरतलब है कि बढ़ते विवाद के बाद ओपनएआई ने अपने कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों में बदलाव किया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसकी एआई प्रणाली का उपयोग अमेरिकी नागरिकों की व्यापक घरेलू निगरानी के लिए नहीं किया जा सकता। यह प्रावधान अमेरिका के संविधान के चौथे संशोधन, 1947 के नेशनल सिक्योरिटी एक्ट और 1978 के फिसा एक्ट जैसे कानूनों के अनुरूप रखा गया है।
ऑल्टमैन ने यह भी जोड़ा कि अमेरिकी रक्षा विभाग इस सीमा को समझता है और वह जानबूझकर अमेरिकी नागरिकों की ट्रैकिंग या निगरानी के लिए ओपनएआई की तकनीक का इस्तेमाल नहीं करेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी जैसी खुफिया एजेंसियां सीधे तौर पर ओपनएआई की सेवाओं का उपयोग नहीं कर पाएंगी, जब तक कि अलग से संशोधित समझौता न हो।
दिलचस्प बात यह रही कि इस डील के बाद अमेरिका में चैटजीपीटी को अनइंस्टॉल करने की संख्या में तेज उछाल दर्ज किया गया। डेटा फर्म Sensor Tower के मुताबिक 28 फरवरी को चैटजीपीटी अनइंस्टॉल में करीब 295 प्रतिशत की दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी देखी गई। वहीं दूसरी तरफ क्लॉड की डाउनलोड में 51 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई और यह अमेरिकी एप्पल ऐप स्टोर में नंबर एक पर पहुंच गया।
पॉप स्टार कैटी पेरी ने भी क्लॉड के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा किया, जिससे इस बहस को और हवा मिली।
ऑल्टमैन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से कोई असंवैधानिक आदेश दिया जाता है तो वह उसे स्वीकार नहीं करेंगे, भले ही इसके लिए उन्हें कानूनी जोखिम उठाना पड़े। उन्होंने कहा कि एआई तकनीक अभी कई मामलों में पूरी तरह तैयार नहीं है और सुरक्षा से जुड़े कई पहलुओं को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है।