Sambhal Masjid Case: High Court की सख्त टिप्पणी, Law & Order नहीं संभलता तो DM-SP दें इस्तीफा

By अंकित सिंह | Mar 14, 2026

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शनिवार को संभल जिले की एक मस्जिद में नमाज अदा करने वाले लोगों की संख्या सीमित करने वाले प्रशासनिक आदेश को रद्द कर दिया। याचिका में इस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें मस्जिद में नमाज अदा करने वाले लोगों की संख्या सीमित की गई थी। सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने टिप्पणी की कि यदि स्थानीय प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने में असमर्थ है, तो संबंधित अधिकारियों को पद छोड़ देना चाहिए।

पीठ ने यह भी कहा कि उसने पहले एक अन्य मामले में यह टिप्पणी की थी कि निजी संपत्ति पर पूजा या प्रार्थना करने के लिए सरकार की पूर्व अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन और न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की खंडपीठ ने की। कार्यवाही के दौरान, राज्य सरकार के वकील ने मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। इस बीच, याचिकाकर्ता ने प्रार्थना स्थल को दर्शाने के लिए तस्वीरें और राजस्व अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा।

इसे भी पढ़ें: Menstrual Leave के मुद्दे पर Supreme Court ने दखल देने से कर दिया इंकार, सरकार पर छोड़ा फैसला

यह याचिका मुनाज़िर खान ने दायर की है, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के साथ-साथ संभल के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को भी पक्षकार बनाया गया है। अदालत ने मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए 16 मार्च की तारीख दी है।

प्रमुख खबरें

Donald Trump ने Xi Jinping से पूछा था क्या चीन खरीदेगा अमेरिकी हथियार, US राजदूत का बयान

Donald Trump और Anthropic CEO डारियो अमोदेई के बीच डिनर की योजना

Tejaswin Shankar ने Asian Games में जीता कांस्य, रजत गंवाने पर जताई निराशा

Tripura TTAADC: 587 ग्राम समितियों की 2,950 सीटों पर मतदान शुरू