By नीरज कुमार दुबे | Mar 18, 2025
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों से संभल का सच तो सामने आ ही रहा है साथ ही संभल में विदेशी आक्रांताओं की याद में लगने वाला मेला भी अबसे नहीं लगा करेगा। हम आपको बता दें कि संभल में हर साल मसूद गाजी की याद में मेला लगता था जिसमें बड़ी संख्या में मुसलमान भाग लिया करते थे। मसूद गाजी वही आक्रांता है जिसने सोमनाथ मंदिर को लूटा था। संभल जिले में प्रशासन और पुलिस ने महमूद गजनवी के भांजे और सैन्य कमांडर सैयद सालार मसूद गाजी की याद में वार्षिक ‘नेजा मेले’ के आयोजन को अनुमति देने से इंकार कर दिया है जिसको लेकर राज्य की राजनीति गर्मा गयी है। अखिलेश यादव तो योगी सरकार के इस निर्णय से बौखला गये हैं लेकिन प्रशासन अपने फैसले पर अडिग है।
वहीं नगर ‘नेजा मेला’ कमेटी के अध्यक्ष शाहिद हुसैन मसूरी ने पत्रकारों से कहा कि यहां पर सैंकड़ों वर्ष से मेले का आयोजन किया जाता है लेकिन इस वर्ष पुलिस अधिकारियों ने यह कहते हुए अनुमति देने से इंकार कर दिया कि सालार मसूद गाजी आक्रांता थे और उनकी याद में मेले का आयोजन नहीं होगा। शाहिद हुसैन ने कहा कि हम वरिष्ठ अधिकारियों से मिलेंगे और उनसे बात करेंगे। इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह सरकार आपसी भाईचारे को खत्म करना चाहती है।