By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 04, 2026
नयी दिल्ली, चार अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के उसके सहयोगी दलों पर जानबूझकर संसद के मानसून सत्र में अवरोध पैदा करने का आरोप लगाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्ष के बर्ताव के कारण आवश्यक विधेयकों पर चर्चा अवरुद्ध हुई है और प्रश्नपत्र लीक तथा छात्रों के प्रदर्शन जैसे मुद्दों पर विपक्ष का ‘दोहरा रवैया’ सामने आ गया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सदस्य संबित पात्रा ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि संसद के हर सत्र पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, प्रश्नकाल और शून्यकाल में बार-बार रुकावट डाली जा रही है, जिससे सांसदों को अपने चुनाव क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाने का मौका नहीं मिल पा रहा है।
इसके पीछे का कारण कांग्रेस पार्टी और ‘इंडिया’ गठबंधन में उसके कुछ सहयोगी दलों का बर्ताव है। मैं सच में उनके दोहरे मानकों से हैरान हूं और हो सकता है कि विपक्ष मंगलवार को भी संसद की कार्यवाही न चलने दे।’’ प्रश्नपत्र लीक मामलों पर कांग्रेस पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए पात्रा ने दावा किया कि पार्टी उन राज्यों में ऐसी घटनाओं पर चुप रहती है जहां वह सत्ता में है, जबकि दूसरी जगहों पर ऐसे ही मुद्दों पर राजनीति करती है। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे की पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर की गई टिप्पणियों का ज़िक्र करते हुए, पात्रा ने आरोप लगाया, ‘‘प्रियांक खरगे ने कहा कि छात्रों को पहले 25 दिन की भूख हड़ताल करनी चाहिए, जिसके बाद उन पर लाठीचार्ज होगा और उसके बाद ही वह इस्तीफा देने के बारे में सोचेंगे।
राहुल गांधी इस पर चुप हैं।’’ पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने झारखंड में 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा, ‘‘संसद के मकर द्वार पर जेपीएससी परीक्षा के मुद्दे पर कोई भी कांग्रेस सांसद तख्ती पकड़े हुए नहीं देखा गया। यह राजनीतिक फ़ायदों से प्रेरित सिर्फ चुनिंदा गुस्सा है।’’ पात्रा ने अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर संसद परिसर के अंदर विपक्ष के हालिया विरोध प्रदर्शन की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि इससे हिंदू संतों का अपमान हुआ और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची।
उन्होंने आरोप लगाया कि साधु के कपड़े पहने एक व्यक्ति को चोर बताना और विरोध के दौरान उसे घसीटना हिंदू समुदाय के बारे में गलत संदेश देता है। उनका इशारा पिछले दिनों संसद परिसर में निर्दलीय सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के साधुओं के भगवा वस्त्र पहनकर प्रदर्शन करने की ओर था।