By अंकित सिंह | Aug 08, 2025
संसद में विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार (11 अगस्त) तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी दलों के सदस्यों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर शुक्रवार को भी दोनों सदनों में हंगामा किया। आज कार्यवाही शुरू होने के बाद सबसे पहले संसद के दोनों सदनों में भारत छोड़ो आंदोलन की 83वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका निभाने वाले अन्य महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी गई। लोकसभा ने जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि दी जिनका गत पांच अगस्त को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था।
सदन में गैर-सरकारी कामकाज होने का उल्लेख करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि आज शुक्रवार है जो सदस्यों का दिन होता है और विशेष रूप से विपक्ष के सदस्यों के लिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दिन गैर-सरकारी कामकाज होता है। रीजीजू ने कहा कि विपक्ष के सदस्य सरकारी कामकाज तो बाधित कर ही रहे हैं, आज उन्होंने गैर सरकारी कामकाज को भी अवरुद्ध किया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में विपक्ष के सांसद ये ना कहें कि सरकार ने सहयोग नहीं किया है। रीजीजू ने कहा कि सरकार ने शुरू से कहा है कि नियमों के तहत वह हर मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, ‘‘आज विपक्ष के लोगों ने निजी कामकाज को भी बाधित किया है, इससे हम दुखी हैं।’’
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण शुक्रवार को राज्यसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर बारह बज कर तीन मिनट पर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि वर्तमान सत्र में लगातार हंगामे की वजह से सदन का अब तक 56 घंटे 49 मिनट का समय बर्बाद हो चुका है। उपसभापति हरिवंश ने बताया कि विभिन्न मुद्दों पर नियत कामकाज स्थगित कर चर्चा करने के लिए उन्हें नियम 267 के तहत 20 नोटिस मिले हैं। उपसभापति ने बताया कि ये नोटिस पूर्व में दी गई व्यवस्था के अनुरूप नहीं पाए गए अत: इन्हें खारिज कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात से, इसकी शुरुआत से अब तक कुल 34.13 करोड़ रुपये की आय हुई है। सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में शुक्रवार को राज्यसभा को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम आकाशवाणी मौजूदा संसाधनों के माध्यम से बिना अतिरिक्त खर्च के तैयार करता है।
सरकार ने बताया कि उसने तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी के निचले हिस्से पर चीन द्वारा एक विशाल बांध परियोजना का निर्माण कार्य शुरू करने की खबरों का संज्ञान लिया है। तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी को यारलुंग त्सांगपो के नाम से जाना जाता है। राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि इस परियोजना को पहली बार वर्ष 1986 में सार्वजनिक किया गया था और तब से ही चीन में इसकी तैयारियां चल रही थीं।