Bal Gangadhar Tilak Birth Anniversary: संस्कृत के विद्वान जिन्होंने Kesari अखबार के जरिए जगाई 'पूर्ण स्वराज' की अलख

By अनन्या मिश्रा | Jul 23, 2026

आज ही के दिन यानी की 23 जुलाई को बाल गंगाधर तिलक का जन्म हुआ था। वह भारत के प्रमुख नेता, स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और लोकप्रिय नेता थे। उनके नाम के आगे 'लोकमान्य' लगाया जाता था। उन्होंने सबसे पहले ब्रिटिश राज के दौरान पूर्ण स्वराज की मांग उठाई थी। इस कारण बाल गंगाधर तिलक को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का जनक कहा जाता है। उन्होंने 'स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है' का नारा दिया था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर बाल गंगाधर तिलक के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...

इसे भी पढ़ें: Swami Vivekananda Death Anniversary: स्वामी विवेकानंद ने 39 साल में क्यों ली थी महासमाधि, जानें Belur Math का वो रहस्य

शिक्षकों से मतभेद

पढ़ाई पूरी करने के बाद बाल गंगाधर तिलक ने पुणे के एक निजी स्कूल में गणित और अंग्रेजी के शिक्षक बन गए। स्कूल के अन्य शिक्षकों से उनके मतभेद हो गए। ऐसे में 1880 में उन्होंने पढ़ाना छोड़ दिया था। दरअसल, बाल गंगाधर तिलक अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली के आलोचक थे। तिलक स्कूलों में ब्रिटिश स्टूडेंट्स की तुलना में भारतीय स्टूडेंट्स के साथ हो रहे दोगले व्यवहार का विरोध करते थे।

बाल गंगाधर तिलक ने समाज में फैली छुआछूत के खिलाफ भी आवाज उठाई थी। तिलक ने दक्खन शिक्षा सोसायटी की स्थापना की। इसकी स्थापना का उद्देश्य भारत में शिक्षा के स्तर को सुधारना है। वहीं तिलक ने मराठी भाषा में मराठा दर्पण और केसरी नामक दो अखबार शुरू किए, जो उस समय काफी ज्यादा लोकप्रिय हुए थे। स्वतंत्रता आंदोलन का हिस्सा बनकर तिलक ने ब्रिटिश हुकूमत का विरोध किया और पूर्ण स्वराज की मांग की। केसरी अखबार में छपने वाले लेखों के कारण वह कई बार जेल भी गए।

मृत्यु

वहीं 01 अगस्त 1920 को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का निधन हो गया था।

प्रमुख खबरें

RSS शिक्षा प्रकोष्ठ Vidya Bharati पश्चिम बंगाल के सभी 345 प्रखंडों में खोलेगी स्कूल

Madhya Pradesh में 30 करोड़ के विवाह सहायता घोटाले में पूर्व CEO Shobhit Tripathi गिरफ्तार

Bengal में नदी कटाव रोकने को IIT Kanpur की मदद से बनेगी योजना

US में भारतीय राजदूत Vinay Mohan Kwatra ने सांसदों से Ukraine संकट और द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग पर की चर्चा