इधर के हुए न उधर के (व्यंग्य)

By डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ | Nov 21, 2022

एक अंग्रेजी माध्यम की पाठशाला में हिंदी अध्यापिका बच्चों को हिंदी पढ़ा रही थी। अध्यापिका ने देखा कि कक्षा में बच्चे बड़ी शरारत कर रहे हैं। उन्होंने सबको डाँटते-फटकारते हुए कहा चुपचाप बैठने के लिए कहा। बच्चों ने कहा, टीचर आपकी हिंदी हमारे पल्ले नहीं पड़ रही है। टीचर ने पलटकर कहा, डियर स्टूडेंट्स! आई एम गोइंग टु टीच यू हिंडी। बट वाई आर यू मेकिंग सच नॉइस। प्लीज डोंट मेक नॉइस। डियर स्टूडेंट्स हिंडी इज़ अवर ऑफिशियल लैंग्वेज। एक्चुअली इटीज़ वेरी इजी यू नो। फॉर एग्जांपल लेट्स राइट ‘अ’। फर्स्ट यू ड्रा ए स्टेट लाइन। देन अंडर स्ट्रेट लाइन राइट नंबर थ्री। देन ड्रा ए शार्ट स्ट्रेट लाइन इन द मिडिल। देन ड्रा स्टैंडिंग लाइन। दट्स इट। हिंडी इज वेरी वेरी इजी।

इसे भी पढ़ें: थोड़ा रोना ज़रूरी होता है (व्यंग्य)

स्कूल की घंटी बज चुकी थी। बच्चे अपने-अपने घर लौटे। एक लड़का जब घर पहुँचा तब टीवी पर रामायण सीरियल चल रहा था। दादा ने उसे अपनी गोदी में बिठाकर कहा, यह रामायण है। इसमें जो पद्य सुनाये जा रहे हैं उसे रामचरितमानस से लिया गया है। इसके कवि तुलसी हैं। पोते ने तुरंत पलटकर कहा, दादा जी आपको कुछ नहीं मालूम। पहली बात तो आपने पद्य, रामचरितमानस और तुलसी का उच्चारण गलत किया है। अब मैं आपको सिखाता हूँ कि सही उच्चारण कैसे किया जाता है। तो मेरे साथ कहिए – पड्य, रामाचरिटामानसा और टुलसी।

यह सब सुन दादा जी अपना माथा पीटकर रह गए।

- डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’

(हिंदी अकादमी, मुंबई से सम्मानित नवयुवा व्यंग्यकार)

प्रमुख खबरें

US Colleges में Indian Students के आवेदन 15 प्रतिशत घटे, वीजा नियमों में सख्ती

Donald Trump चीन पर 7.5 फीसदी नया Tariff लगाने की तैयारी में, सस्ते सामान की डंपिंग बनी वजह

Mahayuti महाराष्ट्र में आगामी चुनाव मिलकर लड़ेगी, सहयोगी दल बयानबाजी से बचें

Palghar Ashram School में 7 वर्षीय छात्र की बुखार से मौत, 26 बच्चे अस्पताल में भर्ती