Satwik-Chirag ने जीता China Masters का खिताब, फाइनल में चीनी जोड़ी को हराया

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 06, 2026

शेनजेन, छह सितंबर भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार पुरुष युगल जोड़ी ने रविवार को यहां शानदार वापसी करते हुए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी को हराकर चीन मास्टर्स सुपर 750 का खिताब अपने नाम कर लिया। वर्ष 2023 और 2025 के चरणों में उपविजेता रहे सात्विक और चिराग की जोड़ी यहां अपना तीसरा फाइनल खेल रही थी। इस भारतीय जोड़ी ने एक घंटे 10 मिनट तक चले मुकाबले में हे और रेन की दुनिया की पूर्व चौथे नंबर की जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से शिकस्त दी।

फिर पिछले साल भी हम खेले थे। उस समय हम अच्छी फॉर्म में नहीं थे, लेकिन फिर भी फाइनल तक पहुंचे। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस बार भी हम चोट से वापसी के बाद यहां आए हैं।

इसलिए मुझे लगता है कि यह टूर्नामेंट हमारे लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा है। मुझे लगता है कि इस पूरे सप्ताह की कहानी भी कुछ ऐसी ही रही। पहले दौर को छोड़ दें तो हमने लगभग हर मुकाबला तीन गेम में खेला है।

’’ सात्विक ने कहा, ‘‘हम यहां आने से पहले ही अपनी रणनीति तैयार करके आए थे। हम उसे लागू करना चाहते थे। अगर वह काम करता तो बहुत अच्छा और अगर नहीं करता तो हम वापस जाकर फिर से उस पर काम करते।

मुझे लगता है कि आज हमारी रणनीति काम कर गई। हमने आखिरकार उस सिलसिले को तोड़ दिया और 2026 में अपना दूसरा खिताब जीता। इस जीत से बहुत खुश हूं।

’’ यह भारतीय जोड़ी का इस सत्र का दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था और थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी जगह बनाई थी। दुनिया की पांचवें नंबर की भारतीय जोड़ी के लिए यह खिताब जापान में 19 सितंबर से पहले होने वाले एशियाई खेलों से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है जिसमें वह अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने की तैयारी कर रहे हैं।

चिराग ने कहा, ‘‘यह सचमुच काफी विशेष लग रहा है। निश्चत रूप से एशियाई खेलों में जाने से पहले खिताब जीतने से हमारा आत्मविश्वास काफी बढ़ेगा। इससे यह भरोसा मिलता है कि हम जिस दिशा में मेहनत कर रहे हैं, वह बिल्कुल सही है।

’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अब हम घर वापस जाएंगे और अगले 10 दिन तक कड़ी ट्रेनिंग करेंगे। इसके बाद एशियाई खेलों में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे। हम वहां जाकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते हैं और खेल का पूरा आनंद लेना चाहते हैं।

’’ भारतीय जोड़ी का सामना चीन की ऐसी जोड़ी से था जो लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय सर्किट से दूर रहने के कारण रैंकिंग में गिरकर 70वें नंबर पर पहुंच गई थी। हे जी टिंग के लिए यह वापसी के बाद केवल तीसरा टूर्नामेंट है। उन्होंने चीनी बैडमिंटन संघ द्वारा लगाई गई अनुशासनात्मक निलंबन की सजा पूरी करने के बाद प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी की है।

सात्विक और चिराग ने हालांकि इससे पहले चीन की इस जोड़ी के खिलाफ हुए अपने दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज की थी। भारतीय जोड़ी ने फाइनल तक पहुंचने के सफर में तीन गेम के तीन मुकाबले खेले थे। इन सभी मुकाबलों में उन्होंने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम गंवाया था।

सात्विक और चिराग ने इस साल के अपने 10वें टूर्नामेंट में तीसरे फाइनल में जगह बनाई। भारतीय जोड़ी शुरुआत में रैलियों पर नियंत्रण नहीं बना सकी। हे जी टिंग और रेन ने तेज और आक्रामक शॉट्स से 5-0 की बढ़त बना ली।

उन्होंने आक्रमण जारी रखा जिससे यह बढ़त 8-3 हो गई। भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतिद्वंद्वी जोड़ी के डिफेंस को भेदने की कोशिश की, लेकिन चीन की जोड़ी ने ब्रेक तक अपनी बढ़त छह अंक की कर ली। भारतीय खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी जोड़ी की गति से तालमेल नहीं बिठा सके और अंतर बढ़कर 7-14 हो गया।

हे जी टिंग शानदार लय में नजर आ रहे थे और लगातार स्मैश लगा रहे थे। फिर चिराग की एक सर्विस गलती ने मुश्किलें और बढ़ा दीं जिससे चीन की जोड़ी ने बढ़त 17-9 कर दी। इसके बाद चिराग का एक और शॉट बाहर जाने से चीन की जोड़ी ने पहला गेम आसानी से अपने नाम कर लिया।

लेकिन भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में काफी बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी रैलियों को लंबा खींचना शुरू किया। सात्विक ने फ्लिक सर्विस का इस्तेमाल किया और प्रतिद्वंद्वी जोड़ी को बार-बार फ्रंट कोर्ट में खेलने से रोका।

इस तरह सात्विक और चिराग ने कड़े मुकाबले के बाद 7-6 की बढ़त हासिल कर ली। चिराग के बॉडी स्मैश से भारतीय जोड़ी ने लगातार पांचवां अंक हासिल करते हुए स्कोर 9-6 कर दिया, लेकिन सात्विक की सर्विस गलती से उनकी बढ़त का सिलसिला टूट गया। चिराग के स्मैश की मदद से भारत ने ब्रेक तक चार अंक की बढ़त बना ली।

पिछले आठ में से सात अंक भारतीय जोड़ी के खाते में गए थे। जहां पहले गेम में अधिकांश रैलियां 15 शॉट से कम की थीं, वहीं दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने रैलियों को लंबा किया और हे जी टिंग और रेन को हर अंक के लिए अधिक मेहनत करने पर मजबूर किया। भारतीय जोड़ी द्वारा जीती गई 45 शॉट की एक लंबी रैली ने उनकी बढ़त को 12-8 कर दिया।

इसके बाद वे 17-11 से आगे हो गए। भारतीय जोड़ी को फिर सात गेम-प्वाइंट के मौके मिले और सात्विक ने आक्रामक रिटर्न लगाकर गेम अपने नाम कर लिया। चीन के खिलाड़ियों ने निर्णायक गेम में फिर से लय हासिल कर 4-0 की बढ़त बना ली।

फिर उन्होंने इसे बढ़ाकर 7-3 कर दिया। चिराग के स्मैश और हे जी टिंग के गलत शॉट की मदद से भारतीय जोड़ी ने अंतर घटाकर 5-7 कर दिया। सात्विक और चिराग ने लगातार चौथा अंक हासिल करते हुए स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया।

कुछ तेज रैलियों के बाद चीन की जोड़ी ने ब्रेक तक दो अंक की बढ़त बना ली। सात्विक और चिराग ने 11-13 के स्कोर पर मुकाबले में खुद को बनाए रखा। दोनों जोड़ियों के बीच अंक हासिल करने की जोरदार जंग जारी रही।

चीन के खिलाड़ी को रैलियों के दौरान बेहतर प्रदर्शन का फायदा मिल रहा था। लेकिन उनकी सर्विस की गलती के बाद भारतीय खिलाड़ी 13-15 से पीछे बने रहे। सात्विक की सर्विस से स्कोर 14-16 हुआ और फिर भारतीय जोड़ी ने जल्द ही 16-16 से बराबरी हासिल कर ली।

इसके बाद हे जी टिंग शटल को नेट में लगा बैठे जिससे भारत 18-17 से आगे हो गया। नेट कोर्ड की मदद से भारतीय जोड़ी को तीन मैच प्वाइंट मिले और और चिराग ने जोरदार स्मैश लगाकर खिताब भारत की झोली में डाल दिया।

प्रमुख खबरें

Tata Motors JLR Restructuring: घटती बिक्री और US Tariffs के बीच JLR में 4000 Jobs पर लटकी तलवार

John Abraham बोले- ISL के नए मॉडल से भारत में Football बनेगा नया क्रिकेट

Vaibhav Suryavanshi ने Duleep Trophy Final में मचाया गदर, Tilak Varma के माइंड गेम को किया फेल

China Masters खिताब जीतकर Satwik Chirag ने Asian Games से पहले बढ़ाया अपना हौसला