By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 08, 2026
नयी दिल्ली, सात सितंबर दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर के पास स्थित सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत के ढहने के बाद उसके बगल वाले जर्जर भवन को भी ध्वस्त करने का यहां के नगर निगम को निर्देश दिया गया है। यह जानकारी दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने सोमवार को दी। सीएमओ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को सार्वजनिक सुरक्षा के हित में दुर्घटनास्थल से सटी जर्जर इमारत को ध्वस्त करने का निर्देश दिया गया है।
मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें से सात लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने इमारत ढहने के सिलसिले में इमारत की मालकिन 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता, वायु सेवा से सेवानिवृत्त 81 साल के उनके पति हरिराम गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार कर लिया है। इमारत ढहने की घटना के बाद नगर निकाय अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई, जिसके तहत एमसीडी के दक्षिण जोन के उपायुक्त राकेश कुमार और चार इंजीनियरों - अधीक्षण अभियंता रणबीर सिंह, अधिशासी अभियंता ललित कुमार गोयल, सहायक अभियंता सुनील चौहान और कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार को निलंबित कर दिया गया।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने भी दक्षिण जोन में कार्रवाई तेज कर दी है। सात सितंबर के आधिकारिक रिकॉर्ड से पता चला है कि भवन विभाग ने वार्ड 160 में मैदानगढ़ी, सैदुलाजाब और नेब सराय सहित अन्य क्षेत्रों की पांच आवासीय संपत्तियों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किए हैं, जबकि सैदुलाजाब में एक अन्य आवासीय संपत्ति को जर्जर होने की वजह से गिराने की कार्रवाई की गई है।