सऊदी अरब ने भारतीयों के लिए की हज कोटे में वृद्धि, 2 लाख लोग कर सकेंगे यात्रा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 28, 2019

ओसाका। सऊदी अरब ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीयों के लिए हज कोटे में वृद्धि की है। इसके साथ ही अब 1,70,000 की जगह 2,00,000 लोग हर साल इस्लामिक तीर्थ स्थल मक्का जा सकेंगे। कोटे में 30,000 की बढ़ोतरी की गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सऊदी अरब के वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान के बीच हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई थी। जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने जापान पहुंच मोदी ने अपने ‘‘अमूल्य रणनीतिक साझेदार’’ के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर भी गहन चर्चा की।

विदेश सचिव विजय गोखले ने संवाददाताओं से कहा कि वली अहद ने प्रधानमंत्री मोदी से वादा किया है कि भारत का हज कोटा प्रति वर्ष 1,70,000 से बढ़ाकर 2,00,000 कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है और यह कर लिया गया है। गोखले ने कहा कि दो लाख भारतीयों को अब हज जाने का मौका मिलेगा, जो (हज यात्रा) जल्द ही शुरू होने वाली है। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने पर्यटन, विमान सेवाएं बढ़ाने पर भी चर्चा की और दोनों दोबारा मुलाकात करने को भी राजी हुए।

इसे भी पढ़ें: प्रिंस सलमान की संपत्ति को प्रतिबंध के जरिये निशाना बनाया जाए: संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञ

विदेश सचिव ने बताया कि सऊदी के वली अहद ने प्रधानमंत्री को इस साल होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथियों में से एक बनने के लिए आमंत्रित किया, जिसे मोदी ने आभार सहित स्वीकार भी कर लिया है। सरकार ने पिछले साल महिलाओं को बिना ‘मेहरम’ या पुरुष साथी के हज जाने की अनुमति दी थी, जिसके बाद करीब 1,300 महिलाएं अकेली हज यात्रा पर गई थी। उन्हें ‘लॉटरी सिस्टम’ से भी छूट दी गई थी। सऊदी अरब ने पिछले साल हज कोटे में पांच हजार की बढ़ोतरी की थी। वहीं 2017 में 35,000 की वृद्धि की गई थी। उच्चतम न्यायालय के 2012 में दिए फैसले के बाद पिछले साल सरकार द्वारा दी जाने वाली हज सब्सिडी को हटा दिया गया था।

प्रमुख खबरें

सचिन तेंदुलकर के साथ Debut करने वाले Salil Ankola डिप्रेशन में, Pune के सेंटर में भर्ती हुए

Cooper Connolly का तूफानी शतक पड़ा फीका, Sunrisers Hyderabad ने जीता रोमांचक मैच

West Bengal: अब ममता बनर्जी नहीं रहीं मुख्यमंत्री, राज्यपाल आरएन रवि ने भंग की विधानसभा

सियासत का नया व्याकरण लिखता जनादेश 2026