By अंकित सिंह | Oct 22, 2026
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे गुरुवार को दोपहर 12 बजे पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के सामने पेश नहीं हुए, जबकि उन्हें जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया था। इन तीनों ने दिल्ली पुलिस से और समय मांगा है, जिसके बाद पुलिस उन्हें नए नोटिस जारी करेगी। क्राइम ब्रांच ने इन तीनों नेताओं को पूछताछ के लिए अपने राजौरी गार्डन स्थित कार्यालय में बुलाया था।
अपने लिखित हलफनामे में, दास और रंका ने शांति बनाए रखने और सार्वजनिक व्यवस्था में कोई खलल न डालने का वादा किया। उन्होंने यह भी वचन दिया कि जब तक कानून के अनुसार जंतर-मंतर को 'डीनोटिफाई' (अधिसूचना से बाहर) नहीं कर दिया जाता, तब तक वे वहां किसी विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। साथ ही, उन्होंने कहा कि भविष्य में कोई भी विरोध प्रदर्शन संवैधानिक दायरे के भीतर ही किया जाएगा।
उनकी रिहाई का आदेश देते हुए SEM कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर उन्हें और अधिक न्यायिक हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं लगती, खासकर तब जब उन्होंने इस अदालत के समक्ष लिखित हलफनामा दे दिया है। अदालत ने जांच अधिकारी को अगली सुनवाई में ज़मानतदारों के संबंध में सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। मामले की आगे की कार्यवाही 23 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे सूचीबद्ध की गई है, जिसमें दोनों नेताओं और उनके ज़मानतदारों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।