Sawan 2026: सोमवार को Belpatra तोड़ने की मनाही क्यों? जानें Shivpuran के महत्वपूर्ण Rules और मान्यताओं का विश्लेषण

By दिव्यांशी भदौरिया | Jul 29, 2026

हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व माना जाता है। श्रावण मास की शुरुआत 30  जुलाई 2026 से शुरुआत हो रही है और इसका समापन 28 अगस्त 2026 को होगी। सावन के सोमवार में भक्तजन बेलपत्र को महादेव को जरुर अर्पित करते हैं। शिवभक्त भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव को बेलपत्र अधिक प्रिय है और इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। 

किन विशेष तिथियों में नहीं तोड़ना चाहिए बेलपत्र

धार्मिक मान्यता के अनुसार, सोमवार, चतुर्दशी तिथि, अमावस्या, अष्टमी और नवमी तिथि को बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए। जो लोग सोमवार को व्रत रखते हैं, वे लोग रविवार के दिन ही बेलपत्र तोड़कर रख सकते हैं। क्योंकि सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है और इस दिन बेलपत्र तोड़ना शास्त्रों में उचित नहीं माना गया है। 

सोमवार को बेलपत्र तोड़ने की मनाही क्यों है?

गौरतलब है कि हिंदू धर्म में हर एक दिन और तिथि का अपना धार्मिक महत्व होता है। मुख्य रुप से सोमवार का दिन भगवान शिव को अति प्रिय होता है और इस दिन शिव भक्त पूजन और व्रत करते हैं और उन्हें बेलपत्र अर्पित करते हैं।

इस दिन भूलकर भी बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए। अगर आपको सोमवार के दिन बेलपत्र अर्पित करनी है, तो आपको इसको एक दिन पहले यानी रविवार को तोड़कर रख लें। मान्यता है कि बेलपत्र कभी भी बासी नहीं होता है और इसलिए आप इसको पहले से तोड़कर रख सकते हैं। 

शिवपूजन में बेलपत्र का महत्व

धार्मिक ग्रंथ शिवपुराण में बेलपत्र को पवित्र बताया है। मान्यता है कि बेलपत्र की तीन पत्तियां भगवान शिव के तीन गुणों सत्व, रज और तम का प्रतीक माना जाता है। यदि कोई भक्त सच्चे मन से शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करता है, तो भगवान शिव उसकी मनोकामनाएं जरुर पूरी करते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। 

प्रमुख खबरें

Belagavi में घर के अंदर फ्रिज फटने से लगी भीषण आग, 4 महिलाओं की मौत और 2 गंभीर रूप से झुलसे

Donald Trump ने डाक मतपत्र पर रोक खारिज होने के बाद Supreme Court की आलोचना की

Rural India में सुधार और Female Labour Force बढ़ने से अगस्त में Unemployment Rate घटी

Masood Azhar पर 70 लाख के इनाम को भारत ने बताया Pakistan का नया ढोंग