By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 16, 2026
रुपये में यदि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले और भी गिरावट होती है तो तेल विपणन कंपनियों को वाहन ईंधन कीमतों में की गई बढ़ोतरी से मिलने वाला पूरा लाभ खत्म हो सकता है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के आर्थिक अनुसंधान विभाग ने यह कहा। एसबीआई इकोरैप रिपोर्ट के मुताबिक, ईंधन कीमतों में यह बढ़ोतरी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को खुदरा बिक्री पर लागत के मुकाबले हो रहे नुकसान (अंडर-रिकवरी) में करीब 52,700 करोड़ रुपये की राहत दे सकती है, जो वित्त वर्ष 2026-27 में अपेक्षित कुल नुकसान का लगभग 15 प्रतिशत है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रुपया पहले ही एक महत्वपूर्ण गिरावट स्तर के करीब पहुंच चुका है, जिसके बाद और कमजोरी घरेलू ईंधन कीमत संशोधन के लाभ को काफी हद तक खत्म कर सकती है। शुक्रवार को कारोबार के दौरान रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर से नीचे चला गया और अंत में 95.81 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। एसबीआई रिपोर्ट में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हवाले से कहा गया है कि तेल विपणन कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, जो सालाना करीब 3.6 लाख करोड़ रुपये बैठता है।