GDP Growth पर SBI Research का अनुमान, पर कमजोर रुपया और महंगा तेल बन सकते हैं बड़ा संकट

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 11, 2026

देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं रुपये की विनिमय दर में गिरावट और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को देखते हुए भुगतान संतुलन के मोर्चे पर व्यापक कदम उठाने की आवश्यकता है। एसबीआई रिसर्च की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, हाल के समय में बाह्य तत्वों और अनियंत्रित सट्टेबाजी के कारण रुपये के मूल्य में काफी गिरावट आई है।

एसबीआई रिसर्च ने कहा, ‘‘भुगतान संतुलन (बीओपी) की समस्या से निपटने के लिए नीतियों के स्तर पर एक व्यापक पैकेज लागू करने की अब जरूरत है।’’ इस मामले में प्रवासी बॉन्ड यानी विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए बॉन्ड जारी करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर से ऊपर रहने और परिवहन एवं बीमा लागत में भारी वृद्धि के कारण देश की वृहद आर्थिक बुनियाद पर असर पड़ रहा है। ऐसे में भुगतान संतुलन की स्थिति को सुधारने के लिए उपाय करना आवश्यक है।

रिपोर्ट कहती है, ‘‘...यदि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 95 के स्तर पर है, तो अर्थव्यवस्था का आकार घटकर 4,040 अरब डॉलर हो जाएगा और 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का सपना वित्त वर्ष 2029-30 में ही साकार हो पाएगा।’’ एसबीआई रिसर्च के अनुसार, भले ही कभी-कभार ही सही रुपये में तेज गिरावट और अत्यधिक अस्थिरता निवेशकों के भरोसे को कम कर सकती है। रिपोर्ट में कहा गया, विदेशों में रह रहे भारतीयों के लिए बॉन्ड को पूंजी, रिटर्न, अवधि और परिपक्वता के साथ कर-अनुकूल व्यवहार के संदर्भ में उचित रूप से समायोजित किया जाना चाहिए। एसबीआई रिसर्च का यह सुझाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रविवार को पश्चिम एशिया संकट के कारण विदेशी मुद्रा बचाने, ईंधन का सूझबूझ के साथ उपयोग करने, सोने की खरीद स्थगित करने और एक वर्ष के लिए विदेश यात्रा टालने की आवश्यकता बताये जाने के बाद आया है।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक आयात से पूरा करता है। इस बीच, एसबीआई रिसर्च ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत के करीब रहने की उम्मीद है। वहीं 2026-27 में जीडीपी वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।’’ भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) 29 मई, 2026 को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक जीडीपी के अस्थायी अनुमानों के साथ-साथ जनवरी-मार्च तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी करेगा।

प्रमुख खबरें

F&O Trading में घाटे का डर: SEBI के कड़े नियमों के बाद भी निवेशकों को औसतन ₹1.16 Lakh का भारी Loss

Data Privacy के साथ Meta का नया धमाका, Muse Glimmer AI Model अब सीधे आपके PC पर होगा डाउनलोड और कंट्रोल

ट्रंप मीडिया को $238 Million का भारी घाटा, Bitcoin और Crypto बाजार में गिरावट ने बढ़ाई Donald Trump की टेंशन

Banking Sector में UPI जैसा बदलाव लाएगा AI, कर्ज देने के पुराने तरीके बदलेंगे RBI Governor Sanjay Malhotra