आतंकवाद पर दोहरे मापदंड के खिलाफ SCO का बिश्केक घोषणापत्र जारी, सीमा पार आतंक पर सख्त रुख

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 02, 2026

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों ने मंगलवार को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में ‘‘दोहरा मापदंड’’ अपनाए जाने को ‘‘अस्वीकार्य’’ बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस खतरे से निपटने का आह्वान किया। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एससीओ राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में सदस्य देशों ने पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर गहरी चिंता जताई और ईरान पर अमेरिका के हमलों की निंदा की। इस बयान को ‘बिश्केक घोषणा-पत्र’ कहा गया है।

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इसके लिए संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका होनी चाहिए और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों तथा संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद रोधी रणनीति को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुसार पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए।’’ एससीओ में रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान, ईरान, बेलारूस, उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान, ताजिकिस्तान और किर्गिस्तान शामिल हैं। घोषणापत्र में कहा गया है, ‘‘सदस्य देशों ने आतंकवादी, अलगाववादी और उग्रवादी उद्देश्यों के लिए इंटरनेट के इस्तेमाल को रोकने के महत्व को रेखांकित किया। सदस्य देश अंतरराष्ट्रीय सूचना सुरक्षा, सूचना संरक्षण और नए प्रकार के अपराधों से निपटने के क्षेत्रों में आपसी समन्वय को मजबूत करेंगे।’’ संयुक्त बयान में कहा गया है कि एससीओ सदस्य देशों ने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से निपटने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि स्वार्थी उद्देश्यों के लिए ऐसे समूहों का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं हैं।

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पश्चिम एशिया के संबंध में संयुक्त बयान में ईरान पर अमेरिका के सैन्य हमलों की निंदा की गई। बयान में कहा गया है कि इन हमलों में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की मौत हुई और देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा। बयान में कहा गया, ‘‘ऐसी कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों व नियमों का उल्लंघन हैं तथा अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा व स्थिरता के लिए गंभीर जोखिम पैदा करती हैं।’’ बयान के अनुसार, ‘‘सदस्य देशों ने ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए अपना समर्थन दोहराते हुए संघर्ष के समाधान के लिए केवल राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों का समर्थन किया।

इस संबंध में उन्होंने क्षेत्र में शांतिपूर्ण स्थिति कायम करने के उद्देश्य से किए जा रहे सभी प्रयासों का स्वागत किया।’’ एससीओ सदस्य देशों ने ईरान के सर्वोच्च नेता सैयद अली खामेनेई की मृत्यु पर शोक भी व्यक्त किया। बयान में कहा गया है, ‘‘सदस्य देशों ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने का एकमात्र संभव तरीका फलस्तीन मुद्दे का व्यापक और न्यायपूर्ण समाधान है।’’ एससीओ राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की अगली बैठक 2027 में पाकिस्तान में आयोजित की जाएगी।

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